CG BREAKING : शैलाभ साहू को बड़ी जिम्मेदारी, मंत्री केदार कश्यप के बने OSD
जीवनदान देने के बाद बन गए ‘शिकारी’
घटना रायगढ़ वन मंडल के अंतर्गत आने वाले एक गाँव की है। पानी की तलाश में एक सांभर जंगल से भटककर गाँव के पास पहुँच गया, जहाँ कुछ आवारा कुत्तों ने उस पर हमला कर दिया। सांभर को घायल अवस्था में देखकर कुछ ग्रामीणों ने उसे कुत्तों से छुड़ाया और उसे जीवनदान दिया। आप उस पल को महसूस कर सकते हैं; सांभर शायद सोच रहा था कि वह सुरक्षित हाथों में है। लेकिन यह राहत महज़ कुछ पलों की थी। उन ग्रामीणों की नीयत बदल गई, और उन्होंने जीवनदान देने वाले हाथों से ही उसे मारकर उसका मांस आपस में बांट लिया।
वन विभाग का सख्त एक्शन, 5 आरोपी गिरफ्तार
वन विभाग को गुप्त सूचना मिली कि गाँव में सांभर के मांस का अवैध वितरण हो रहा है। सूचना मिलते ही रायगढ़ वन मंडल की टीम ने तुरंत गाँव में दबिश दी। तलाशी के दौरान, कुछ ग्रामीणों के घरों से सांभर का मांस और शिकार में इस्तेमाल हथियार बरामद हुए। आप दफ्तर में हलचल महसूस कर सकते हैं; वन अधिकारी अब इसे एक गंभीर वन्यजीव अपराध मान रहे हैं। विभाग ने इस अमानवीय कृत्य में शामिल 5 प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
“यह एक बेहद दर्दनाक और अमानवीय घटना है। वन्यजीवों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है और ऐसे कृत्यों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे, ताकि दूसरों को सबक मिले।”
इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण और इंसानी जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पानी की कमी के कारण जानवर भटककर बस्तियों की ओर आ रहे हैं, जहाँ वे अक्सर कुत्तों के हमले या शिकार का शिकार बन जाते हैं। क्या हम अपनी जिम्मेदारियों को भूल गए हैं? यह सवाल अब हर किसी के ज़हन में है। रायगढ़ वन विभाग अब इस मामले में अन्य शामिल लोगों की तलाश कर रहा है और गाँव में वन्यजीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चलाने की योजना बना रहा है। आने वाले हफ़्तों में, हम प्रशासन द्वारा और अधिक कड़े कदम उठाने की उम्मीद कर सकते हैं, जैसे कि अवैध शिकार के लिए स्थानीय मुखबिर तंत्र को मज़बूत करना। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह कार्रवाई अन्य शिकारियों के लिए एक कड़ा संदेश देगी या नहीं।