रायपुर: राजधानी रायपुर के केंद्रीय जेल में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। शुक्रवार को जेल के महिला प्रकोष्ठ में बंद एक महिला कैदी ने आत्महत्या करने की कोशिश की, जिससे जेल परिसर में हड़कंप मच गया। इस घटना के बाद जेल प्रशासन की सतर्कता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जेल की महिला सेल में बंद एक महिला कैदी ने किसी धारदार वस्तु (संभावित) से खुद को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही जेल के सुरक्षाकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में महिला कैदी को गंभीर हालत में जेल के अस्पताल और फिर बेहतर उपचार के लिए बाहर भेजा गया। बताया जा रहा है कि महिला को गंभीर चोटें आई हैं और उसे कुल 8 टांके लगाने पड़े हैं। फिलहाल, उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है, लेकिन उसकी निगरानी बढ़ा दी गई है।
जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस घटना ने केंद्रीय जेल की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल यह उठ रहा है कि जेल के भीतर महिला कैदी के पास ऐसी वस्तु कैसे पहुंची जिससे वह स्वयं को इतना गंभीर नुकसान पहुंचा सकी?
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सुरक्षा में चूक: जेल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर कैदियों के पास खतरनाक चीजें होना सुरक्षा में एक बड़ी चूक मानी जा रही है।
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मानसिक स्वास्थ्य की अनदेखी: जानकारों का मानना है कि जेल प्रशासन को कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है, ताकि इस तरह के आत्मघाती कदम उठाए जाने से रोका जा सके।
जांच के आदेश की मांग
इस मामले के सामने आने के बाद अब स्थानीय स्तर पर भी प्रशासन से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठ रही है। यह जानने की कोशिश की जा रही है कि महिला कैदी ने ऐसा कदम क्यों उठाया? क्या वह किसी मानसिक तनाव से गुजर रही थी या उसे किसी प्रकार का प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था?