CG News : रायपुर, 04 जुलाई। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगे तुता क्षेत्र में अवैध निर्माण और भूमि संबंधी मामलों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। नकटी क्षेत्र में कार्रवाई के बाद अब नया रायपुर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने तुता गांव के 35 मकान मालिकों को नोटिस जारी किया है। नोटिस मिलने के बाद ग्रामीणों में हड़कंप मच गया है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं और अब अचानक मिली इस कार्रवाई की सूचना से वे चिंता में हैं।
35 मकानों को जारी किए गए नोटिस
जानकारी के अनुसार, एनआरडीए ने तुता क्षेत्र में स्थित 35 मकानों को नोटिस जारी करते हुए संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने और निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई भूमि के स्वामित्व और निर्माण की वैधता से जुड़े मामलों की जांच के तहत की जा रही है।
नोटिस मिलने के बाद कई परिवारों ने संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने शुरू कर दिए हैं ताकि वे अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर सकें और अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकें।
नकटी के बाद बढ़ी ग्रामीणों की चिंता
हाल ही में नकटी क्षेत्र में हुई प्रशासनिक कार्रवाई के बाद तुता के लोगों में पहले से ही आशंका बनी हुई थी। अब 35 मकानों को नोटिस जारी होने के बाद ग्रामीणों में बेचैनी और बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन कार्रवाई करता है तो कई परिवारों के सामने आवास का संकट खड़ा हो सकता है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और कई लोगों के पास जमीन एवं मकान से जुड़े दस्तावेज भी मौजूद हैं। ऐसे में प्रशासन को सभी पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई अंतिम निर्णय लेना चाहिए।
दस्तावेजों की जांच के बाद होगा फैसला
सूत्रों के अनुसार, एनआरडीए द्वारा जारी नोटिस का उद्देश्य संबंधित व्यक्तियों से आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करना और भूमि की वास्तविक स्थिति की जांच करना है। यदि किसी के पास वैध दस्तावेज हैं तो उन्हें नियमानुसार अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की प्रशासनिक कार्रवाई तय की जाएगी।
ग्रामीणों ने की निष्पक्ष सुनवाई की मांग
प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और सुनवाई की मांग की है। उनका कहना है कि बिना सभी तथ्यों और दस्तावेजों की जांच किए कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे कानूनी विकल्प भी अपनाएंगे।
तुता में नोटिस जारी होने के बाद अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। फिलहाल यह प्रक्रिया नोटिस और दस्तावेजों की जांच के चरण में है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि नियमानुसार सभी संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा और उसके बाद ही कानून के अनुरूप आगे का निर्णय लिया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर राजधानी से लगे ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि, आवास और विकास परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में दस्तावेजों की जांच और प्रशासनिक प्रक्रिया के बाद इस मामले की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।