CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ में 15 करोड़ रुपये की कथित ठगी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ केके श्रीवास्तव के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED ने उनकी करीब 3.25 करोड़ रुपये मूल्य की चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क करने का आदेश जारी किया है। साथ ही, एजेंसी ने 23 सितंबर को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की है। यह जानकारी ED की आधिकारिक वेबसाइट पर भी दर्ज है।
15 करोड़ की ठगी का क्या है मामला?
ED के मुताबिक, जून 2023 में केके श्रीवास्तव ने रायपुर स्मार्ट सिटी की करीब 500 करोड़ रुपये की परियोजना में सब-कॉन्ट्रैक्ट दिलाने का दावा करते हुए एक कारोबारी से 15 करोड़ रुपये लिए थे। एजेंसी के अनुसार, यह रकम परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के नाम पर ली गई थी।
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जांच में सामने आया कि रकम अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। ED का आरोप है कि इन खातों का इस्तेमाल कथित तौर पर रकम को आगे ट्रांसफर करने के लिए किया गया था। संबंधित संस्थाओं और खातों की भी जांच की गई।
दुबई, हांगकांग और चीन तक भेजी गई रकम
ED की जांच के मुताबिक, कथित ठगी से मिली रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर किया गया। एजेंसी का आरोप है कि शेल और मध्यस्थ कंपनियों के नेटवर्क के जरिए रकम को विदेशों में भेजा गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, माल ढुलाई शुल्क और कंटेनर लीजिंग जैसे कारोबारी विवरणों का इस्तेमाल करते हुए रकम दुबई, हांगकांग, चीन और सिंगापुर स्थित लाभार्थियों तक पहुंचाई गई।
15 करोड़ में से 3.40 करोड़ रुपये वापस
ED के अनुसार, कथित तौर पर ली गई 15 करोड़ रुपये की रकम में से करीब 3.40 करोड़ रुपये पीड़ित को वापस किए गए, जबकि लगभग 11.60 करोड़ रुपये वापस नहीं किए गए। एजेंसी का कहना है कि वापस की गई रकम के लेनदेन की प्रकृति की भी जांच की गई है।
केके श्रीवास्तव को ED ने 30 जुलाई 2026 को PMLA की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया। अब एजेंसी ने मामले में अभियोजन शिकायत दाखिल कर दी है। मामले की जांच अभी जारी है।