CG NEWS : धमतरी | 30 अप्रैल, 2026 छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के लिए आज एक गौरवशाली अध्याय की शुरुआत हुई है। राज्य सरकार ने धमतरी में प्रदेश के दूसरे और सबसे बड़े सैनिक स्कूल की स्थापना के प्रस्ताव को अपनी आधिकारिक हरी झंडी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की विस्तृत कार्ययोजना (DPR) अब अंतिम स्वीकृति और एमओयू (MoU) के लिए केंद्रीय रक्षा मंत्रालय (MoD) को भेज दी गई है। इस स्कूल के खुलने से धमतरी न केवल एक एजुकेशनल हब बनेगा, बल्कि सेना में जाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह ‘सपनों की उड़ान’ साबित होगा।
500 सीटें और अत्याधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित सैनिक स्कूल की क्षमता 500 सीटों की होगी, जो इसे छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा सैन्य शिक्षण संस्थान बनाएगी।
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विश्वस्तरीय ढांचा: स्कूल में डिजिटल स्मार्ट क्लासेस, अत्याधुनिक साइंस और कंप्यूटर लैब के साथ-साथ एनडीए (NDA) की तर्ज पर ट्रेनिंग ग्राउंड विकसित किए जाएंगे।
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आवासीय सुविधा: यहाँ छात्रों के लिए सुसज्जित छात्रावास और खेल परिसर भी बनाए जाएंगे।
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विशेष प्रशिक्षण: शैक्षणिक पाठ्यक्रम के साथ-साथ छात्रों को घुड़सवारी, निशानेबाजी और नेतृत्व कौशल (Leadership Skills) का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
धमतरी ही क्यों चुना गया?
सूत्रों के अनुसार, धमतरी जिले का चयन कई महत्वपूर्ण मानकों के आधार पर किया गया है:
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भूमि की उपलब्धता: जिला प्रशासन ने स्कूल के लिए पर्याप्त और उपयुक्त भूमि चिन्हित कर ली है।
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सैन्य पृष्ठभूमि: धमतरी और आसपास के क्षेत्रों (बालोद, गरियाबंद, कांकेर) में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और सैन्य परिवार निवास करते हैं।
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भौगोलिक स्थिति: रायपुर संभाग और बस्तर के प्रवेश द्वार पर स्थित होने के कारण यह दोनों क्षेत्रों के छात्रों के लिए सुलभ होगा।
युवाओं के लिए सुनहरा भविष्य
वर्तमान में छत्तीसगढ़ में केवल एक सैनिक स्कूल अंबिकापुर में संचालित है। धमतरी में दूसरे स्कूल की स्थापना से:
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प्रतिवर्ष 500 युवाओं को सीधे तौर पर सैन्य शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
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भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) में छत्तीसगढ़ के अधिकारियों की संख्या में वृद्धि होगी।
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स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।