CG News : जूनियर डॉक्टरों का बड़ा फैसला, सात दिनों के लिए स्थगित किया आंदोलन

CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में जूनियर डॉक्टरों की प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल फिलहाल टल गई है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) ने अपने आंदोलन को सात दिनों के लिए स्थगित करने का फैसला लिया है। यह निर्णय स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के बाद लिया गया। डॉक्टरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की तैयारी की थी।

हड़ताल की घोषणा पहले ही की जा चुकी थी, ऐसे में इसके शुरू होने पर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही थी। अब आंदोलन सात दिन के लिए टलने से मरीजों और अस्पताल प्रशासन को फिलहाल राहत मिली है।

स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात के बाद फैसला

जूनियर डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की। बैठक में डॉक्टरों ने अपनी समस्याओं और लंबित मांगों को सामने रखा। चर्चा के बाद JDA ने तत्काल अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू नहीं करने का निर्णय लिया।

Advertisement

CG Crime News : रक्षाबंधन पर बहन के नहीं पहुंचने से खुला राज, सेप्टिक टैंक में मिला महिला का शव

डॉक्टरों की ओर से कहा गया है कि सरकार के साथ बातचीत और आगे की प्रक्रिया को देखते हुए आंदोलन को फिलहाल सात दिनों के लिए स्थगित किया गया है। इस अवधि में मांगों को लेकर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

21 सितंबर से होनी थी अनिश्चितकालीन हड़ताल

जूनियर डॉक्टरों ने विभिन्न मांगों को लेकर 21 सितंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की घोषणा की थी। हड़ताल में जूनियर डॉक्टरों के शामिल होने की स्थिति में अस्पतालों में मरीजों के इलाज और नियमित स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना थी।

विशेष रूप से सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में जूनियर डॉक्टरों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में हड़ताल की घोषणा के बाद स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की तैयारियों पर भी नजर थी।

सात दिन बाद क्या होगा?

JDA के आंदोलन स्थगित करने के फैसले के बाद अब अगले सात दिन महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। इस दौरान सरकार और डॉक्टरों के बीच मांगों को लेकर आगे बातचीत हो सकती है। डॉक्टरों की मांगों पर क्या प्रगति होती है, इसके आधार पर एसोसिएशन आगे की रणनीति तय करेगा।

यदि मांगों को लेकर समाधान की दिशा में बातचीत आगे बढ़ती है तो आंदोलन टल सकता है, जबकि स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर डॉक्टर आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकते हैं।

Spread the love
Advertisement