CG NEWS : एनटीपीसी लारा में बड़ा कोयला घोटाला, 575 ट्रेलर कोयला रास्ते से ही गायब’ सीबीआई ने दर्ज की एफआईआर

CG NEWS : रायगढ़/पुसौर | छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में स्थित एनटीपीसी (NTPC) लारा प्लांट में कोयला परिवहन के दौरान एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। लगभग 575 ट्रेलर कोयला, जो खदान से प्लांट के लिए निकला था, कभी अपने गंतव्य तक पहुंचा ही नहीं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने एफआईआर दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है।

3 साल पुराने मामले में सीबीआई की एंट्री

यह पूरा मामला करीब तीन साल पुराना बताया जा रहा है। जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, कोयले की एक बड़ी खेप खदान से प्लांट के लिए रवाना की गई थी, लेकिन कागजों में एंट्री होने के बावजूद भौतिक रूप से वह कोयला प्लांट नहीं पहुंचा।

Manipur Violence 3 Years Update : मणिपुर @3 इयर्स , बफर जोन में तैनात सेना, राहत शिविरों में कट रही हजारों की जिंदगी

Advertisement

  • लापता ट्रेलर: लगभग 575 ट्रेलर कोयला रास्ते में ही ‘गायब’ कर दिया गया।

  • अधिकारियों पर शक: संदेह है कि ट्रांसपोर्टरों और एनटीपीसी के कुछ उच्च पदस्थ अधिकारियों की मिलीभगत से इस करोड़ों रुपये के कोयले को खुले बाजार में बेच दिया गया।

एनटीपीसी प्रबंधन की शिकायत पर कार्रवाई

जब ऑडिट और इंटरनल चेकिंग के दौरान कोयले के स्टॉक में भारी विसंगति पाई गई, तब एनटीपीसी प्रबंधन ने इसे एक बड़े संगठित अपराध के रूप में देखा। प्रारंभिक जांच के बाद मामले की जटिलता और वित्तीय अनियमितता को देखते हुए इसे सीबीआई को सौंपा गया था।

नोटिस जारी, ट्रांसपोर्टरों में हड़कंप

सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

  1. जवाब तलब: जांच एजेंसी ने संबंधित ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों और तत्कालीन जिम्मेदार अधिकारियों को नोटिस जारी कर रिकॉर्ड पेश करने का आदेश दिया है।

  2. दस्तावेजों की जब्ती: सीबीआई की टीम ने परिवहन से संबंधित गेट पास, वजन पर्ची और जीपीएस डेटा को अपने कब्जे में ले लिया है ताकि वाहनों की लोकेशन का पता लगाया जा सके।

कोयलांचल में मची खलबली

रायगढ़ जिला कोयलांचल का केंद्र माना जाता है, और यहाँ से लगातार कोयला चोरी और परिवहन में धांधली की शिकायतें आती रहती हैं। हालांकि, एनटीपीसी जैसे प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम में इतनी बड़ी मात्रा में कोयले का गायब होना प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Spread the love
Advertisement