CG News : छत्तीसगढ़ की जेलों में मनाया जा रहा रक्षाबंधन, भाई-बहन के अटूट रिश्ते का दिखा अनुपम संगम

CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ की जेलों में रक्षाबंधन का पावन पर्व विशेष माहौल में मनाया जा रहा है। जेलों में बंद बंदियों और उनके परिजनों के बीच भाई-बहन के प्रेम और भावनाओं की तस्वीर देखने को मिल रही है। सनातन परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों के बीच रक्षाबंधन का यह पर्व बंदियों के लिए भी भावनात्मक अवसर बन गया है।

जेलों में राखी बांधने की विशेष व्यवस्था

रक्षाबंधन के अवसर पर जेल प्रशासन की ओर से बहनों को अपने भाइयों से मिलने और उन्हें राखी बांधने की व्यवस्था की गई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत परिजन जेल पहुंचे और अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की कामना की।

Instagram Facebook Digital Bedtime: बच्चों के लिए बदलेगा Instagram-Facebook का नियम, रात में 6 घंटे नहीं मिलेगा एक्सेस

Advertisement

कई स्थानों पर जेल परिसर में ही राखी बांधने की व्यवस्था की गई, ताकि त्योहार के दिन बंदी अपने परिवार से भावनात्मक रूप से जुड़ सकें।

बहनों ने भाई की लंबी उम्र की कामना की

राखी बांधने पहुंची बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाई पर राखी बांधी। इसके बाद मिठाई खिलाकर उनके सुख और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस दौरान कई भाई-बहन भावुक भी नजर आए।

जेल में बंद होने के बावजूद रक्षाबंधन के मौके पर परिवार के सदस्यों से मिलने का अवसर उनके लिए बेहद खास रहा। लंबे समय बाद या विशेष पर्व पर हुई मुलाकात ने रिश्तों की भावनात्मक मजबूती को सामने ला दिया।

सनातन परंपरा और पारिवारिक भावनाओं का संगम

रक्षाबंधन को भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। जेल परिसर में भी इस पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का पालन किया गया। तिलक, राखी और मिठाई के साथ बहनों ने भाइयों के प्रति अपना स्नेह व्यक्त किया।

इस दौरान जेल प्रशासन की ओर से भी पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने पर जोर दिया गया।

जेल में रहने वाले बंदियों के लिए परिवार से मिलने का हर अवसर महत्वपूर्ण होता है। रक्षाबंधन पर बहनों से मुलाकात ने इस भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत किया। कई बंदियों ने बहनों से आशीर्वाद लिया और भविष्य में बेहतर जीवन जीने की इच्छा जताई।

Spread the love
Advertisement