CG NEWS : सचिन तेंदुलकर-निर्मला सीतारमण के नाम पर 45 लाख ठगे, फर्जी निवेश के जरिए रिटायर्ड BSP कर्मचारी को बनाया शिकार

CG NEWS : दुर्ग। छत्तीसगढ़ के भिलाई में ऑनलाइन निवेश के नाम पर 45 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठगों ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और समाजसेवी सुधा मूर्ति के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करते हुए निवेश से जुड़े फर्जी विज्ञापन दिखाए। इन विज्ञापनों के जरिए रिटायर्ड BSP कर्मचारी को ज्यादा मुनाफे का झांसा दिया गया और धीरे-धीरे उससे लाखों रुपये ट्रांसफर करा लिए गए।

फर्जी विज्ञापन देखकर निवेश का झांसा

जानकारी के मुताबिक, भिलाई निवासी रिटायर्ड BSP कर्मचारी की नजर सोशल मीडिया पर चल रहे निवेश संबंधी एक विज्ञापन पर पड़ी। विज्ञापन में चर्चित हस्तियों के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल कर निवेश योजना को भरोसेमंद दिखाने की कोशिश की गई थी।

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पीड़ित ने विज्ञापन में दिए गए संपर्क माध्यम से आरोपियों से बातचीत शुरू की। इसके बाद उसे निवेश करने पर कम समय में बेहतर रिटर्न मिलने का झांसा दिया गया।

अलग-अलग खातों में जमा कराए पैसे

आरोप है कि शुरुआत में पीड़ित से छोटी रकम निवेश कराई गई। इसके बाद आरोपियों ने निवेश पर मुनाफा होने का दावा करते हुए उसे और रकम लगाने के लिए प्रेरित किया।

धीरे-धीरे अलग-अलग शुल्क, निवेश और अन्य बहानों से पीड़ित से रकम जमा कराई जाती रही। इस तरह कुल करीब 45 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए गए।

जब पीड़ित ने अपनी रकम और कथित मुनाफा वापस मांगना शुरू किया, तो आरोपियों की ओर से टालमटोल की जाने लगी। इसके बाद उसे ठगी का एहसास हुआ।

पुलिस ने 9वीं फेल आरोपी को पकड़ा

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो 9वीं कक्षा तक पढ़ा बताया जा रहा है।

जांच एजेंसी आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ठगी के इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।

बड़े नामों का इस्तेमाल कर बनाया भरोसा

साइबर ठगों ने लोगों का भरोसा जीतने के लिए जानी-मानी हस्तियों के नाम और तस्वीरों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया। ऐसे फर्जी विज्ञापनों में अक्सर बड़े निवेश, कम समय में भारी मुनाफे और प्रतिष्ठित लोगों के समर्थन का दावा किया जाता है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर दिखाई देने वाले निवेश संबंधी विज्ञापनों पर बिना जांच के भरोसा न करें।

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