CG Police Posting : पुलिस अफसरों की पोस्टिंग पर हाईकोर्ट की रोक, वरिष्ठता विवाद में राज्य सरकार से मांगा जवाब

CG Police Posting : बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में पुलिस अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर चल रहा विवाद अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। वरिष्ठता की अनदेखी कर जूनियर अफसर को एसपी का प्रभार दिए जाने के आरोपों के बीच छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने संबंधित ट्रांसफर-पोस्टिंग आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले में राज्य शासन समेत अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

मामले की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई। हाईकोर्ट ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को निर्धारित की गई है।

महिला पुलिस अफसर ने दायर की याचिका

जानकारी के मुताबिक, एक महिला पुलिस अफसर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर वरिष्ठता सूची की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है। याचिका में कहा गया है कि वरिष्ठ अधिकारी होने के बावजूद उन्हें एसपी का प्रभार नहीं दिया गया, जबकि उनसे जूनियर अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंप दी गई।

Advertisement

CG Crime News : बिलासपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की फोटो रखकर श्मशान घाट में तंत्र साधना, मछली-नींबू और सिंदूर से अनुष्ठान

याचिकाकर्ता ने पोस्टिंग और प्रभार दिए जाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कोर्ट से हस्तक्षेप की मांग की है। इसी याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने संबंधित आदेश पर रोक लगाई है।

वरिष्ठता को लेकर उठे सवाल

पूरे मामले का मुख्य विवाद पुलिस अधिकारियों की वरिष्ठता को लेकर है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एसपी पद का प्रभार देते समय वरिष्ठता सूची को नजरअंदाज किया गया। इसके कारण वरिष्ठ अधिकारी के अधिकार और सेवा संबंधी हित प्रभावित हुए हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट के समक्ष अपनी वरिष्ठता और पदस्थापना से जुड़े दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं। अब राज्य सरकार को इस मामले में अपना पक्ष और निर्णय के आधार स्पष्ट करने होंगे।

राज्य शासन से मांगा जवाब

हाईकोर्ट ने मामले में राज्य शासन समेत अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट यह भी देखेगा कि संबंधित अधिकारी को प्रभार देने का निर्णय किन नियमों और परिस्थितियों के आधार पर लिया गया।

सरकार की ओर से जवाब दाखिल होने के बाद मामले की आगे सुनवाई होगी। इसके बाद कोर्ट यह तय करेगा कि संबंधित पोस्टिंग आदेश पर लगी रोक को आगे जारी रखा जाए या उसमें कोई बदलाव किया जाए।

Spread the love
Advertisement