CG Rajyotsav 2026 : छत्तीसगढ़ राज्योत्सव में पहली बार दिए जाएंगे दो नए राज्य अलंकरण, तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर शुरू होंगे सम्मान

CG Rajyotsav 2026 : रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 इस बार कई मायनों में खास होने जा रहा है। राज्य सरकार ने राज्य अलंकरण समारोह में दो नए सम्मान शुरू करने का निर्णय लिया है। ये सम्मान प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर दिए जाएंगे। पहली बार शुरू होने वाले इन दोनों राज्य अलंकरणों के माध्यम से कला, संस्कृति और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। राज्योत्सव के दौरान आयोजित भव्य समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की मौजूदगी में विभिन्न क्षेत्रों की विभूतियों और संस्थाओं को सम्मान प्रदान किया जाएगा।

तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर नए सम्मान

राज्य सरकार की ओर से शुरू किए जा रहे दो नए अलंकरणों में प्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई और महान संत रविदास के नाम को शामिल किया गया है। तीजन बाई छत्तीसगढ़ की लोककला और पंडवानी गायन की अंतरराष्ट्रीय पहचान हैं। उन्होंने अपनी विशिष्ट गायन शैली से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाया है।

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वहीं, संत रविदास के नाम पर शुरू होने वाला सम्मान सामाजिक समरसता, समानता और मानव कल्याण के क्षेत्र में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राज्योत्सव में होगा भव्य राज्य अलंकरण समारोह

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव-2026 के अवसर पर राज्य अलंकरण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की विशेष मौजूदगी रहेगी। समारोह में प्रदेश की उन विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपने कार्यों से छत्तीसगढ़ का नाम रोशन किया है।

इस दौरान कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, समाजसेवा और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों तथा संस्थाओं को राज्य अलंकरण प्रदान किए जाएंगे।

विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को मिलेगा सम्मान

राज्य अलंकरण पुरस्कारों का उद्देश्य प्रदेश की प्रतिभाओं को पहचान देना और उनके योगदान को सम्मानित करना है। इन पुरस्कारों के माध्यम से लोककला, साहित्य, शिक्षा, पत्रकारिता, सामाजिक कार्य और खेल जैसे क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलता है।

इस बार दो नए सम्मान जुड़ने से राज्य अलंकरणों का दायरा और व्यापक होगा। इससे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक मूल्यों को भी विशेष महत्व मिलेगा।

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