CG Weather : छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज, अगले 2 दिनों तक भारी बारिश की संभावना, कई जिलों में अलर्ट

CG Weather : रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रदेश के सभी हिस्सों में पहुंचने के बाद लगातार मौसम का मिजाज बदला हुआ है। गुरुवार को राजधानी रायपुर समेत कई जिलों में रुक-रुक कर हल्की बारिश और बूंदाबांदी हुई, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिनों में प्रदेश के मध्य और दक्षिणी संभाग के कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हो रहे निम्न दबाव (लो प्रेशर) क्षेत्र के प्रभाव से अगले पांच दिनों तक अधिकांश जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भारी बारिश के आसार

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में मानसूनी तंत्र काफी मजबूत स्थिति में है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बन रहे लो प्रेशर सिस्टम के कारण नमी लगातार प्रदेश की ओर आ रही है। इसका सबसे अधिक असर मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में देखने को मिलेगा, जहां कई स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। गरज-चमक के साथ तेज बारिश और कहीं-कहीं तेज हवा चलने के भी आसार हैं।

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अगले पांच दिनों तक जारी रहेगा बारिश का सिलसिला

मौसम विभाग का अनुमान है कि प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ क्षेत्रों में लगातार वर्षा होने से जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों की बुआई के लिहाज से लाभकारी मानी जा रही है, हालांकि अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी गई है।

रायपुर में बूंदाबांदी से मिली राहत

राजधानी रायपुर में गुरुवार को दिनभर बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को उमस से राहत मिली। सुबह और शाम के समय मौसम सुहावना बना रहा। मौसम विभाग का कहना है कि राजधानी में भी अगले दो दिनों तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी।

मौसम विभाग ने भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। नदी-नालों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। वहीं प्रशासन को भी जलभराव और संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र और अधिक मजबूत होता है, तो प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है।

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