आज ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि पर चम्पक द्वादशी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। सनातन धर्म में इस तिथि का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की चम्पा के सुगंधित फूलों से पूजा करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। चम्पा के फूलों से भगवान की आराधना किए जाने के कारण ही इस तिथि को चम्पक द्वादशी कहा जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु अथवा श्रीगोविन्द की पूजा के बाद “गोविन्द हरे, गोपाल हरे। जय-जय प्रभु दीनदयाल हरे।” मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करने से भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के कष्ट दूर होने लगते हैं।
चम्पक द्वादशी पर करें ये विशेष उपाय
सुख-समृद्धि के लिए
प्रातः स्नान के बाद भगवान विष्णु की चम्पा के ताजे फूलों से विधि-विधानपूर्वक पूजा करें। ऐसा करने से घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है।
मनोकामना पूर्ति के लिए
साफ वस्त्र धारण कर घर की पूर्व दिशा में लकड़ी की चौकी पर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें। उनके समक्ष फल अर्पित करें और चम्पा के पांच फूल लेकर “ॐ गोविन्दाय नमः” मंत्र का जाप करते हुए एक-एक फूल भगवान को अर्पित करें। पूजा के बाद फल और फूल किसी ब्राह्मण को दान कर दें।
कार्यक्षेत्र में सम्मान और सफलता के लिए
भगवान विष्णु को केसर का तिलक लगाएं और स्वयं भी माथे पर केसर का तिलक धारण करें। मान्यता है कि इससे कार्यक्षेत्र में प्रतिष्ठा और सफलता प्राप्त होती है।
मानसिक तनाव से मुक्ति के लिए
पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान विष्णु का ध्यान करें। मानसिक रूप से उन्हें फल, फूल, तुलसी दल, मिठाई और पंचमेवा अर्पित करें तथा “ॐ गोविन्दाय नमः” मंत्र का जाप करें। इससे मन को शांति और तनाव से राहत मिलती है।
धन वृद्धि के लिए
पूजा के दौरान भगवान विष्णु के समक्ष एक हल्दी की गांठ रखें। पूजा के बाद उसे पीले कपड़े में बांधकर तिजोरी में रख दें। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे धन-धान्य में वृद्धि होती है।
घर में सकारात्मक ऊर्जा के लिए
चम्पा का पौधा घर में लगाना शुभ माना जाता है। इससे घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है और सुख-शांति का वास होता है।
व्यापार में उन्नति के लिए
आज के दिन “हरे गोविन्द, हरे गोविन्द…” नाम का 108 बार जाप करें और भगवान विष्णु को मिश्री का भोग लगाएं। मान्यता है कि इससे व्यापार में तरक्की और आर्थिक प्रवाह बना रहता है।
चम्पक द्वादशी का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चम्पक द्वादशी भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ तिथि है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने, चम्पा के फूल अर्पित करने तथा गोविन्द मंत्र का जाप करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं और जीवन में सुख, शांति, समृद्धि तथा सफलता का आशीर्वाद प्रदान करते हैं।