CG News : चेक पोस्ट पर हाई वोल्टेज ड्रामा , टीआई की दबंगई का शिकार हुआ व्यापारी, जांच शुरू
मोबाइल स्क्रीन से शुरू हुई कहानी, जेब खाली होने पर खत्म
सब कुछ सामान्य लगा। एक परिचित के जरिए संपर्क हुआ। “अच्छा रिश्ता है,” भरोसा दिलाया गया। मोबाइल पर लड़की की तस्वीर दिखाई गई। बात आगे बढ़ी। युवक ने भरोसा किया। पैसे दिए। उम्मीद थी कि घर में शहनाई बजेगी। लेकिन अचानक फोन आया। आवाज ठंडी थी। जवाब छोटा—“लड़की भाग गई।” यहीं खेल खत्म हो गया। न रिश्ता, न पैसा।
ठगी का पैटर्न: भरोसा बनाओ, पैसा लो, गायब हो जाओ
यह कोई एक घटना नहीं लगती। तरीका साफ है। पहले भरोसा बनाया जाता है। फिर फोटो, बातचीत और जल्दबाजी में निर्णय का दबाव। जैसे ही पैसा ट्रांसफर हुआ, कहानी बदल गई। यह वही पुराना जाल है, बस तरीका डिजिटल हो गया है।
- फर्जी प्रोफाइल या फोटो का इस्तेमाल
- जल्द रिश्ता तय करने का दबाव
- एडवांस रकम की मांग
- पैसे मिलते ही संपर्क खत्म
ग्राउंड से आवाज: “सब कुछ बहुत जल्दी हुआ”
स्थानीय लोगों के मुताबिक, युवक काफी परेशान है। “उसे समझ ही नहीं आया कि कब सब कुछ हाथ से निकल गया,” एक जानकार ने बताया। आप उस बेचैनी को महसूस कर सकते थे। उम्मीद टूटी। भरोसा भी। खुद को ठगा महसूस कर पीड़ित रवि कुमार बघेल तुरंत कोतवाली थाना पहुंचे। हालांकि पुलिस ने युवक को ऑनलाइन पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। युवक का कहना है कि जो उनके साथ हुआ वह किसी और के साथ न हो। लोग ऑनलाइन रिश्तों के झांसे में न आएं और अपनी मेहनत की कमाई न गंवाएं। फिलहाल इस मामले में पुलिस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।