Chhattisgarh Suicide Case : दृष्टि गुप्ता सुसाइड केस , 20 साल की उम्र, कानून की पढ़ाई और माता-पिता का दबाव बना मौत की वजह

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“वह शादी नहीं करना चाहती थी, अभी पढ़ना चाहती थी”: दोस्त

दृष्टि के दोस्तों ने बताया कि वह एक मेधावी छात्रा थी और अपने करियर पर ध्यान देना चाहती थी।

“दृष्टि शादी नहीं करना चाहती थी, वह अभी पढ़ना चाहती थी और वकील बनना चाहती थी। लेकिन उसके पेरेंट्स उस पर शादी का दबाव बना रहे थे। उसने इस बारे में हमसे कई बार बात की थी। हम उसे समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह बहुत परेशान थी। हमें विश्वास नहीं हो रहा है कि उसने ऐसा किया है।”
— दृष्टि के दोस्त, बिलासपुर

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दोस्तों का यह बयान दृष्टि के मन में चल रही उथल-पुथल और उस पर शादी के दबाव को दर्शाता है। पुलिस अब इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और दृष्टि के माता-पिता से भी पूछताछ करेगी।

शुरुआती जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, दृष्टि रिवर व्यू कॉलोनी में एक किराए के मकान में अकेली रहती थी। 14 अप्रैल की सुबह जब उसका कमरा नहीं खुला, तो मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौका-ए-वारदात पर पहुँचकर कमरा खोला और दृष्टि का शव फंदे पर लटका पाया। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

बिलासपुर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। पुलिस ने दृष्टि के माता-पिता को भी सूचित कर दिया है। यह घटना राजनैतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। विपक्ष ने इस मामले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की मांग की है। अब, सबकी नजरें पुलिस की जांच पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि दृष्टि को न्याय मिलेगा।

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