Chhattisgarh Weather , रायपुर — छत्तीसगढ़ में गर्मी अब और आक्रामक होती नजर आ रही है। हवा में नमी ने लोगों की हालत खराब कर दी है। दिन चढ़ते ही सड़कें तपने लगती हैं और शाम तक उमस लोगों को बेहाल रखती है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन से चार दिनों में मध्य और उत्तरी छत्तीसगढ़ में हीटवेव जैसे हालात बन सकते हैं। मंगलवार को प्रदेश का सबसे ज्यादा तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 25.7 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में रिकॉर्ड हुआ।
15 मिनट का खौफ , बीच हवा में अटकी लिफ्ट, Amit Chimnani समेत 7 लोगों की जान पर बन आई
गर्मी के साथ उमस ने बढ़ाई मुश्किल
प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं हल्की बूंदाबांदी हो रही है तो कहीं चिपचिपी गर्मी लोगों को थका रही है। रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और आसपास के इलाकों में दोपहर के समय सड़कें लगभग खाली नजर आने लगी हैं। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हवा में नमी की मात्रा ज्यादा होने की वजह से तापमान का असर और तेज महसूस हो रहा है। पसीना सूख नहीं रहा। यही वजह है कि लोग सामान्य तापमान में भी ज्यादा गर्मी महसूस कर रहे हैं। बीते 24 घंटे के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। लेकिन इससे राहत कम और उमस ज्यादा बढ़ गई। दोपहर में गर्म हवा और शाम में भारी नमी का असर साफ दिखाई दे रहा है।
बंगाल उपचुनाव में बड़ा उलटफेर’ वोटिंग से 48 घंटे पहले TMC उम्मीदवार Jahangir Khan’ ने छोड़ा मैदान
मई के आखिर में बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग का अनुमान है कि मई के अंतिम दिनों में केरल तक मानसून पहुंच सकता है। इसका असर छत्तीसगढ़ में प्री-मानसून गतिविधियों के रूप में दिखाई दे सकता है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने की संभावना भी जताई गई है।
हालांकि फिलहाल राहत के संकेत कमजोर हैं। अगले कुछ दिनों तक तापमान रोजाना लगभग एक डिग्री तक बढ़ सकता है। इससे मध्य और उत्तरी जिलों में लू जैसे हालात बन सकते हैं। दोपहर के समय शहरों की सड़कें तवे जैसी गर्म महसूस हो रही हैं। बाजारों में लोग सिर ढंककर निकल रहे हैं। ठंडे पेय और नारियल पानी की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। शाम होने के बाद भी गर्म हवा कम नहीं हो रही।