साईं उपवन में पीछे से मारी गोली: लावारिस हालत में मिला शव
घटनाक्रम के मुताबिक, चिराग त्यागी दिल्ली से एक ओला कैब बुक करके गाजियाबाद के थाना नंदग्राम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले साईं उपवन पहुंचे थे। उनके साथ उनका दोस्त और सह-खिलाड़ी यश खटिक भी मौजूद था। सुनसान और अंधेरे का फायदा उठाकर हमलावर ने चिराग के ऊपर पीछे से वार किया। पीठ पर लगी गोली सीधे उनके दिल के पार निकल गई, जिससे चिराग को संभलने या भागने का मौका तक नहीं मिला। वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया। अगले दिन सुबह पुलिस को हिंडन नदी क्षेत्र के पास साईं उपवन के घने पेड़ों के बीच एक युवक का शव लावारिस हालत में पड़ा होने की सूचना मिली, जिसकी शिनाख्त बाद में पैरा-एथलीट चिराग त्यागी के रूप में हुई।
सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल फुटप्रिंट्स से खुला राज
अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी की हत्या से पुलिस महकमे और खेल गलियारे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए गाजियाबाद पुलिस की टीमों ने तुरंत जांच शुरू की। पुलिस ने साईं उपवन की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्तों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला। तकनीकी साक्ष्यों (Technical Evidence) और डिजिटल फुटप्रिंट्स का विश्लेषण करते हुए पुलिस उस ओला कैब के ड्राइवर तक पहुंची, जिससे चिराग दिल्ली से गाजियाबाद आए थे। कैब ड्राइवर से मिली जानकारी और संदेहास्पद रूट मैपिंग के आधार पर पुलिस कड़ियां जोड़ती चली गई। शक की सुई चिराग के बेहद करीबी दोस्त और धावक यश खटिक पर जाकर टिकी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
खेल भावना पर लगा दाग: न्याय की मांग को लेकर नागरिकों में आक्रोश
इस हत्याकांड ने मुरादनगर और गाजियाबाद के स्थानीय निवासियों सहित पूरे देश के एथलीटों को झकझोर कर रख दिया है। जो हाथ कल तक मैदान पर एक-दूसरे की जीत पर पीठ थपथपाते थे, उन्हीं हाथों में आपसी जलन के कारण हथियार आ गया। गाजियाबाद के स्थानीय खेल संगठनों और नागरिकों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है। हिंडन और नंदग्राम इलाके के लोग पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों ने सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक चिराग त्यागी के लिए न्याय की मांग उठाई है। नागरिकों का कहना है कि आरोपी यश खटिक के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि भविष्य में कोई खिलाड़ी अपनी ईर्ष्या के कारण किसी उभरती प्रतिभा का कत्ल न कर सके।