Dharamjaigarh Double Murder Case : धरमजयगढ़। छत्तीसगढ़ के धरमजयगढ़ क्षेत्र में हुए बहुचर्चित क्रोंधा डबल मर्डर केस का पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, भूमि विवाद के चलते दो सगे भाइयों ने एक बुजुर्ग दंपति की धारदार हथियार (टांगी) से हत्या कर दी। इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर सबूत मिटाने के उद्देश्य से घर और शवों में आग लगा दी। पुलिस ने वैज्ञानिक जांच, फॉरेंसिक टीम (FSL) और पुलिस डॉग रूबी की मदद से मामले का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच आधुनिक तकनीक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर की गई, जिससे हत्या की गुत्थी सुलझाने में सफलता मिली।
भूमि विवाद से शुरू हुआ खूनी संघर्ष
प्रारंभिक जांच के अनुसार, बुजुर्ग दंपति और आरोपियों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपियों ने कथित रूप से सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
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पुलिस के मुताबिक, दोनों भाइयों ने पहले टांगी से हमला कर बुजुर्ग दंपति की हत्या की और बाद में पहचान तथा सबूत मिटाने के लिए घर और शवों में आग लगा दी।
वैज्ञानिक जांच और डॉग स्क्वॉड ने खोला राज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, एफएसएल विशेषज्ञों और डॉग स्क्वॉड की टीम मौके पर पहुंची। घटनास्थल से जुटाए गए फॉरेंसिक साक्ष्यों, परिस्थितिजन्य प्रमाणों और पुलिस डॉग रूबी की मदद से जांच को महत्वपूर्ण दिशा मिली।
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर दोनों संदिग्ध भाइयों को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के बाद उनकी कथित संलिप्तता सामने आने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
72 घंटे के भीतर पुलिस को मिली सफलता
धरमजयगढ़ पुलिस ने लगातार तीन दिनों तक विभिन्न पहलुओं पर जांच करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई। अधिकारियों का कहना है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों, स्थानीय जानकारी और पुलिस टीम के समन्वय के कारण कम समय में इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा संभव हो सका।
मामले में हत्या में प्रयुक्त हथियार और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
आरोपियों को भेजा गया न्यायिक हिरासत में
गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित संबंधित कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आवश्यक पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि घटना की योजना कब बनाई गई और वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी।