Engineering Admission : छत्तीसगढ़ में इंजीनियरिंग एडमिशन के नए नियम लागू, मूल निवास प्रमाण पत्र अनिवार्य

Engineering Admission : रायपुर। छत्तीसगढ़ में इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक, फार्मेसी और अन्य तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की गई है। तकनीकी शिक्षा संचालनालय (DTE) ने स्पष्ट किया है कि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण पत्र और आवश्यक होने पर जाति प्रमाण पत्र की मूल प्रति प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। केवल प्रमाण पत्र के लिए किए गए आवेदन की पावती या रसीद के आधार पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

जारी निर्देशों के अनुसार, राज्य कोटे के तहत प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को दस्तावेज सत्यापन के समय सभी आवश्यक प्रमाण पत्रों की मूल प्रतियां प्रस्तुत करनी होंगी। यदि कोई अभ्यर्थी मूल निवास प्रमाण पत्र या आरक्षण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो उसे निर्धारित श्रेणी का लाभ नहीं मिल सकेगा।

पावती या आवेदन रसीद नहीं होगी मान्य

तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि कई बार छात्र प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवेदन करने के बाद उसकी रसीद या पावती प्रस्तुत कर प्रवेश लेने का प्रयास करते हैं। लेकिन इस बार ऐसी व्यवस्था स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रवेश के लिए मूल दस्तावेजों का उपलब्ध होना अनिवार्य रहेगा।

Advertisement

छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी, घरेलू उपभोक्ताओं पर सबसे ज्यादा असर, 50 पैसे प्रति यूनिट बढ़े दाम

इंजीनियरिंग और तकनीकी पाठ्यक्रमों में लागू होंगे नियम

यह नियम राज्य के सभी सरकारी, अर्धसरकारी और निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ-साथ पॉलिटेक्निक, फार्मेसी तथा अन्य तकनीकी संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया पर लागू होगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित होगी।

छात्रों को समय रहते दस्तावेज तैयार रखने की सलाह

डीटीई ने विद्यार्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार कर लें। विशेष रूप से मूल निवास प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र बनवाने में विलंब न करें, ताकि काउंसलिंग और दस्तावेज सत्यापन के समय किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया पर जोर

तकनीकी शिक्षा विभाग का कहना है कि नए निर्देशों का उद्देश्य प्रवेश प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और पात्र विद्यार्थियों को ही आरक्षण तथा राज्य कोटे का लाभ सुनिश्चित करना है। इससे फर्जी दस्तावेजों और अपूर्ण प्रमाण पत्रों के आधार पर प्रवेश लेने की संभावनाओं पर भी रोक लगेगी।

डीटीई के इस फैसले के बाद तकनीकी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे हजारों विद्यार्थियों को अपने दस्तावेज समय पर तैयार रखने की सलाह दी गई है, ताकि प्रवेश प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की बाधा न आए।

Spread the love
Advertisement