Hormuz Strait Closed : ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग बंद किया, तेल और व्यापार पर मंडराया संकट

A major claim has emerged from Iran regarding the closure of the Strait of Hormuz. A major claim has emerged from Iran regarding the closure of the Strait of Hormuz.
A major claim has emerged from Iran regarding the closure of the Strait of Hormuz.

तेहरान। Hormuz Strait Closed को लेकर ईरान की ओर से बड़ा दावा सामने आया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की है कि होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा। IRGC का कहना है कि जब तक अमेरिका पश्चिम एशिया में अपना सैन्य हस्तक्षेप बंद नहीं करता, तब तक किसी भी जहाज को इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

A major claim has emerged from Iran regarding the closure of the Strait of Hormuz.
A major claim has emerged from Iran regarding the closure of the Strait of Hormuz.

ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, IRGC ने अपने बयान में कहा कि क्षेत्र में विदेशी शक्तियों के कथित गैर-कानूनी हस्तक्षेप के कारण सुरक्षा स्थिति गंभीर हो गई है। इसी वजह से यह फैसला लिया गया है।

IRGC ने अमेरिका को दी सीधी चेतावनी

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IRGC नौसेना ने अपने बयान में अमेरिका और उसके सहयोगियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि होर्मुज स्ट्रेट की मौजूदा स्थिति को बहाना बनाकर ईरान के खिलाफ कोई नया सैन्य अभियान चलाया गया, तो उसका करारा जवाब दिया जाएगा।

बयान में कहा गया कि यदि “हमलावर दुश्मन” इस घटनाक्रम का इस्तेमाल ईरान पर नए हमले के लिए करता है, तो क्षेत्र में मौजूद उसके अतिरिक्त सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया जाएगा।

IRGC ने यह भी कहा कि इस स्थिति से पैदा होने वाले किसी भी परिणाम की जिम्मेदारी अमेरिका, इजरायल और उन देशों की होगी, जहां ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए बेस मौजूद हैं।

क्या है होर्मुज स्ट्रेट और क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।

इस जलमार्ग से प्रतिदिन दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत, इराक और कतर जैसे प्रमुख ऊर्जा उत्पादक देशों का तेल और गैस इसी रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है।

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यदि यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है, तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल सकता है।

तनाव के बीच बातचीत की भी कोशिश

दिलचस्प बात यह है कि यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान और क्षेत्रीय देशों के बीच तनाव कम करने के प्रयास भी जारी हैं।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने शनिवार को ओमान की राजधानी मस्कट में अपने समकक्ष सैयद बद्र अल-बुसैदी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने, क्षेत्रीय हालात और होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

अराघची ने अपने आधिकारिक टेलीग्राम चैनल पर जानकारी दी कि बैठक में तेहरान और मस्कट के बीच सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर भी विस्तार से विचार किया गया।

वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा।

संभावित प्रभाव:

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी
समुद्री व्यापार लागत में वृद्धि
एलएनजी (LNG) सप्लाई प्रभावित होने की आशंका
वैश्विक महंगाई पर दबाव
एशियाई और यूरोपीय देशों की ऊर्जा सुरक्षा पर असर

भारत जैसे बड़े तेल आयातक देशों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बन सकती है क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आयात करता है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर बढ़ी चिंता

विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ता है तो पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर आने वाले दिनों में होने वाली कूटनीतिक बातचीत और सैन्य गतिविधियों पर रहेगी।

हालांकि, विभिन्न पक्षों के दावों और बयानों की स्वतंत्र पुष्टि होना महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और वास्तविक समुद्री गतिविधियों पर सबकी नजर रहेगी।

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