Bharti Singh: हर्ष के साथ रिश्ते पर खुलकर बोलीं भारती सिंह, कहा- हम पति-पत्नी से ज्यादा अच्छे दोस्त हैं

Bharti Singh and Harsh Limbachiyaa Bharti Singh and Harsh Limbachiyaa
Bharti Singh and Harsh Limbachiyaa

Bharti Singh: कॉमेडियन भारती सिंह इन दिनों अपने पति और लेखक हर्ष लिंबाचिया के साथ नए ‘इंडियन गेम शो’ को लेकर चर्चा में हैं। ‘खतरा खतरा खतरा’ और ‘हम तुम और क्वारंटाइन’ के बाद दोनों एक बार फिर साथ नजर आ रहे हैं। इस बार भारती और हर्ष शो के प्रोड्यूसर होने के साथ-साथ इसकी मेजबानी भी कर रहे हैं।

नए शो को लेकर अब भी लगता है डर

भारती सिंह ने बताया कि नए शो की शुरुआत को लेकर उन्हें काफी डर लग रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट में बहुत मेहनत लगी है और उन्हें वैसा ही डर महसूस हो रहा है, जैसा उनके छोटे बेटे के जन्म के समय हुआ था। भारती के मुताबिक, नया शो शुरू होने से पहले उन्हें हमेशा घबराहट होती है, लेकिन स्टेज पर जाने के कुछ समय बाद परिस्थितियां बदल जाती हैं। दर्शकों का प्यार और तालियां उन्हें नई ऊर्जा देते हैं।

हर्ष के साथ काम करने पर बोलीं भारती

पति हर्ष लिंबाचिया के साथ काम करने को लेकर भारती ने कहा कि उन्हें उनके साथ काम करने में काफी मजा आता है और गर्व भी महसूस होता है। उन्होंने बताया कि शो के पीछे के कई काम हर्ष संभालते हैं, जिसमें सेट से लेकर कलाकारों की तैयारियों तक की जिम्मेदारी शामिल है। भारती ने यह भी माना कि कभी-कभी हर्ष से बहस करने के बाद उन्हें पछतावा होता है।

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‘फिलहाल तो मैं उसकी कमाई पर बैठी हूं’

जब भारती से पूछा गया कि पत्नी के ज्यादा कमाने या ज्यादा मशहूर होने पर पति को ट्रोल किए जाने पर वह क्या सोचती हैं, तो उन्होंने मजेदार अंदाज में जवाब दिया। भारती ने कहा कि फिलहाल वह हर्ष की कमाई पर बैठी हैं। उन्होंने साफ किया कि दोनों ने कभी कमाई या प्रसिद्धि के अंतर को अपने रिश्ते के बीच नहीं आने दिया। उनके मुताबिक, वे पति-पत्नी से ज्यादा अच्छे दोस्त हैं और दोस्तों के बीच कम-ज्यादा कमाई या प्रसिद्धि मायने नहीं रखती।

परिवार के सपोर्ट से बच्चों की चिंता नहीं

मातृत्व और काम के बीच संतुलन पर भारती ने बताया कि उनका परिवार हमेशा उनके साथ खड़ा रहता है। जब वह और हर्ष काम के सिलसिले में बाहर होते हैं, तब नानी, दादी और मौसी बच्चों की देखभाल करते हैं। भारती ने कहा कि बच्चों को सुरक्षित और खुश माहौल में देखकर उन्हें काफी सुकून मिलता है। यही पारिवारिक सपोर्ट उन्हें बिना चिंता के अपने काम पर ध्यान देने की ताकत देता है।

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