Indian Railways Update : अब TTE की हर हरकत होगी कैमरे में रिकॉर्ड, रायपुर मंडल के टिकट चेकर्स पहनेंगे बॉडी कैमरा

Indian Railways Update : रायपुर। भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और टिकट जांच के दौरान होने वाले विवादों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के रायपुर रेल मंडल ने पायलट प्रोजेक्ट के तहत 38 ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर (TTE) को बॉडी वार्न कैमरे (Body-Worn Cameras) उपलब्ध कराए हैं। इन कैमरों के जरिए टिकट जांच की पूरी प्रक्रिया, यात्रियों के साथ बातचीत और किसी भी विवाद की स्थिति की रियल टाइम रिकॉर्डिंग होगी। रेलवे का मानना है कि यह व्यवस्था पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ कर्मचारियों और यात्रियों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

टिकट जांच की पूरी प्रक्रिया होगी रिकॉर्ड

नई व्यवस्था के तहत TTE अपने यूनिफॉर्म पर बॉडी कैमरा पहनकर ड्यूटी करेंगे। टिकट जांच के दौरान होने वाली हर गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड होगी। यदि किसी यात्री और TTE के बीच विवाद, अभद्र व्यवहार या किसी प्रकार की शिकायत सामने आती है, तो कैमरे की रिकॉर्डिंग साक्ष्य के रूप में उपयोग की जा सकेगी। इससे घटनाओं की निष्पक्ष जांच करना आसान होगा।

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यात्रियों और कर्मचारियों दोनों को मिलेगा लाभ

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि बॉडी कैमरे केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि TTE की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होंगे। कई बार टिकट जांच के दौरान कर्मचारियों के साथ बहस, दुर्व्यवहार या मारपीट जैसी घटनाएं सामने आती हैं। अब कैमरे की रिकॉर्डिंग से ऐसे मामलों में वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और झूठे आरोपों की संभावना भी कम होगी।

फिलहाल 38 TTE को दिए गए कैमरे

रायपुर रेल मंडल ने पहले चरण में 38 ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर को बॉडी वार्न कैमरे उपलब्ध कराए हैं। इन कर्मचारियों को कैमरे के संचालन, रिकॉर्डिंग प्रक्रिया और डेटा सुरक्षा से संबंधित विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पायलट प्रोजेक्ट के परिणामों की समीक्षा के बाद इस सुविधा का विस्तार अन्य कर्मचारियों तक किया जाएगा।

पब्लिक डीलिंग स्टाफ तक होगा विस्तार

रेलवे की योजना भविष्य में इस तकनीक को केवल TTE तक सीमित नहीं रखने की है। यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो स्टेशन पर तैनात पब्लिक डीलिंग स्टाफ, टिकट काउंटर कर्मचारी, आरपीएफ और अन्य फ्रंटलाइन कर्मचारियों को भी बॉडी कैमरे उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इससे रेलवे की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों बढ़ेंगी।

विवादों के त्वरित समाधान में मिलेगी मदद

रेलवे का मानना है कि कैमरों में दर्ज रिकॉर्डिंग किसी भी शिकायत या विवाद के समाधान में अहम भूमिका निभाएगी। इससे फर्जी शिकायतों पर रोक लगेगी, जांच प्रक्रिया तेज होगी और वास्तविक तथ्यों के आधार पर निर्णय लेना आसान होगा। साथ ही, यात्रियों का रेलवे पर भरोसा भी और मजबूत होगा।

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