Jhiram Ghati Case : झीरम हत्याकांड’ NIA कोर्ट के फैसले में साजिश और हमले की तैयारी को लेकर बड़े खुलासे

Jhiram Ghati Case : जगदलपुर। झीरम घाटी हत्याकांड मामले में NIA कोर्ट के फैसले के बाद अब जजमेंट कॉपी सामने आने से मामले से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए हैं। फैसले में 25 फरवरी 2013 से 25 मई 2013 को हुए हमले तक की कथित साजिश, नक्सलियों की तैयारी और मामले में आरोपी बनाए गए लोगों की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई है। अदालत ने अपने फैसले में 26/11 मुंबई आतंकी हमले से जुड़ी न्यायिक नजीर का भी उल्लेख किया है।

25 फरवरी से शुरू हुई घटनाक्रम की कड़ी

जजमेंट कॉपी में 25 फरवरी 2013 से लेकर हमले के दिन 25 मई 2013 तक के घटनाक्रम का उल्लेख किया गया है। अदालत ने मामले में सामने आए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर कथित साजिश तथा हमले की तैयारियों का विश्लेषण किया है।

CG News : छत्तीसगढ़ के श्रमिकों को बड़ी सौगात’ ई-रिक्शा खरीदने पर अब मिलेगा 1 लाख रुपये का अनुदान’ बनेंगे जन सुविधा केंद्र

Advertisement

झीरम घाटी में 25 मई 2013 को कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा के काफिले पर घात लगाकर हमला किया गया था। इस हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं सहित बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी।

हमले की तैयारी और आरोपियों की भूमिका पर चर्चा

अदालत के फैसले में घटना से पहले की तैयारियों और आरोपियों की कथित भूमिका पर भी चर्चा की गई है। जजमेंट में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह देखने का प्रयास किया गया कि हमले की योजना किस तरह तैयार हुई और उसमें आरोपी व्यक्तियों की क्या भूमिका रही।

फैसले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए दस्तावेजों और गवाहों के बयानों का भी उल्लेख किया गया है।

10 आरोपियों को मौत की सजा

NIA कोर्ट ने मामले में 10 आरोपियों को मौत की सजा सुनाई है। अदालत के निर्णय के बाद अब जजमेंट कॉपी में दर्ज विस्तृत तथ्यों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि मौत की सजा से जुड़े मामलों में आगे की न्यायिक प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी और दोषसिद्धि तथा सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की प्रक्रिया उपलब्ध रहती है।

अदालत ने अपने फैसले में 26/11 मुंबई आतंकी हमले से संबंधित न्यायिक नजीर का भी उल्लेख किया है। इस संदर्भ में अदालत ने गंभीर आपराधिक साजिश और सामूहिक हिंसा से जुड़े मामलों में साक्ष्यों के मूल्यांकन से संबंधित कानूनी पहलुओं पर विचार किया।

Spread the love
Advertisement