Jhiram Ghati Case : झीरम हत्याकांड पर आज NIA कोर्ट सुनाएगी फैसला, पूर्व डिप्टी सीएम सिंहदेव ने घटना को लेकर फिर उठाए सवाल

Jhiram Ghati Case : जगदलपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित झीरम घाटी हत्याकांड मामले में आज, 5 सितंबर, का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले की सुनवाई कर रही NIA की विशेष अदालत आज अपना फैसला सुना सकती है। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इससे पहले 31 अगस्त को फैसला आने की संभावना थी, लेकिन अदालत ने निर्णय की तारीख आगे बढ़ाते हुए आज तक के लिए टाल दी थी।

झीरम घाटी की घटना छत्तीसगढ़ की सबसे चर्चित और गंभीर घटनाओं में शामिल रही है। इस मामले को लेकर वर्षों से राजनीतिक और कानूनी स्तर पर बहस जारी है। अब NIA की विशेष अदालत के फैसले पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।

31 अगस्त को टला था फैसला

मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद विशेष अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। पहले 31 अगस्त को निर्णय सुनाए जाने की उम्मीद थी, लेकिन किसी कारणवश फैसला उस दिन नहीं सुनाया जा सका।

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इसके बाद अदालत ने मामले में फैसला सुनाने के लिए 5 सितंबर की तारीख तय की। आज होने वाले संभावित फैसले को झीरम घाटी मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।

टीएस सिंहदेव ने फिर उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

फैसले से पहले छत्तीसगढ़ के पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने झीरम घाटी घटना को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही को लेकर अपनी चिंता जाहिर की है।

सिंहदेव लगातार इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता से जांच और जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

पूर्व उप मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद एक बार फिर झीरम घाटी मामले को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।

प्रदेश की राजनीति में आज भी अहम मुद्दा है झीरम कांड

झीरम घाटी की घटना छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबे समय से एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। घटना में कई वरिष्ठ नेताओं और अन्य लोगों की जान गई थी, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला।

इस मामले की जांच और विभिन्न पहलुओं को लेकर समय-समय पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप भी होते रहे हैं। कांग्रेस लगातार मामले की गहराई से जांच और कई सवालों के जवाब की मांग उठाती रही है।

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