मार्को रुबियो शनिवार को अपने चार दिवसीय भारत दौरे पर कोलकाता पहुंचे। 14 साल बाद कोई अमेरिकी विदेश मंत्री कोलकाता पहुंचा है। इससे पहले हिलेरी क्लिंटन ने वर्ष 2012 में कोलकाता का दौरा किया था।
कोलकाता पहुंचने के बाद मार्को रुबियो मदर टेरेसा हाउस ऑफ द मिशनरीज ऑफ चैरिटी गए। इसके बाद वे नई दिल्ली रवाना हुए, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की।
भारत-अमेरिका साझेदारी पर हुई चर्चा
मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मार्को रुबियो का स्वागत करके उन्हें खुशी हुई। उन्होंने बताया कि बैठक में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी में हो रही प्रगति और क्षेत्रीय एवं वैश्विक शांति-सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
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पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका वैश्विक भलाई के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
अमेरिका आने का दिया न्योता
जानकारी के अनुसार, मार्को रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका आने का निमंत्रण भी दिया। इस बैठक में एस. जयशंकर, अजीत डोभाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अमेरिकी राजदूत ने साझा की तस्वीरें
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी सोशल मीडिया पर बैठक की तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग को और गहरा करने को लेकर सार्थक चर्चा हुई।
आज जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो रविवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसके अलावा वे नई दिल्ली में आयोजित होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भी शामिल होंगे।
बताया जा रहा है कि इस दौरे के दौरान ऊर्जा, व्यापार, निवेश, महत्वपूर्ण तकनीक, जन-जन के संबंध, पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।