Nepal Flood: बाढ़ से नेपाल में मची तबाही, हजारों घरों के साथ सड़क-पुल और स्कूल भी हुए तबाह

Nepal Flood: सैलाब ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन से सड़क, पुल, स्कूल, बैंक, कारोबारी प्रतिष्ठानों और जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। नेपाल सरकार की ओर से शुरुआती नुकसान का आकलन प्रतिनिधि सभा की वित्त समिति के सामने पेश किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 55 किलोमीटर सड़क पूरी तरह नष्ट हो गई है, जबकि 33 पुल तबाह हुए हैं।

चीन से सप्लाई रूट भी हुआ बाधित

नेपाल के वित्त सचिव डॉ. घनश्याम उपाध्याय के अनुसार, रसुवागढ़ी सीमा नाके पर आई बाढ़ के कारण चीन से होने वाली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई थी। इसके अलावा कृष्णभीर में सड़क धंसने के बाद स्थिति और गंभीर हो गई। सरकार ने रसुवागढ़ी के विकल्प के तौर पर कोराला सीमा नाके पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की थी।

55 किमी सड़क पूरी तरह नष्ट

बाढ़ से बेत्रावती-रसुवागढ़ी सड़क का करीब 55 किलोमीटर हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया है। इसके अलावा गल्छी-देवीघाट सड़क के 4 किलोमीटर हिस्से को आंशिक नुकसान पहुंचा है। देवीघाट-त्रिशूली-बेत्रावती सड़क का करीब 10 किलोमीटर हिस्सा भी प्रभावित हुआ है।

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33 पुल तबाह, 68 सस्पेंशन ब्रिज क्षतिग्रस्त

सैलाब का पुलों पर भी बड़ा असर पड़ा है। शुरुआती सरकारी आकलन के अनुसार चार जिलों में 33 पुल पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि 4 पुलों को आंशिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा 68 सस्पेंशन ब्रिज भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। क्षतिग्रस्त मोटर चलने योग्य पुलों की कुल लंबाई करीब 3,000 मीटर बताई गई है।

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7,570 निजी भवनों को नुकसान

आपदा से नेपाल में 7,570 निजी भवन पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं 48 सरकारी भवन भी प्रभावित हुए, जिनमें 35 पूरी तरह नष्ट हो गए। बाढ़ ने शिक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित किया है। 18 स्कूलों के 56 भवन पूरी तरह तबाह हुए हैं, जिनमें 308 कक्षाएं थीं।

12 बैंकों की 17 शाखाएं प्रभावित

बाढ़ की चपेट में वित्तीय क्षेत्र भी आया है। रिपोर्ट के अनुसार 12 बैंकों की 17 शाखाएं पूरी तरह या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके अलावा करीब 4,800 कारोबारी प्रतिष्ठान पूरी तरह नष्ट हुए हैं।

कृषि और हाइड्रोपावर को भी भारी नुकसान

बाढ़ से 1,806 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है। वहीं 13 जलविद्युत परियोजनाओं और 25 सिंचाई परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती आकलन में 1,259 होटल और रेस्तरां, 1,212 थोक एवं खुदरा कारोबार, 345 बिजली-गैस-पानी से जुड़ी परियोजनाएं, 263 विनिर्माण उद्योग और 227 सेवा क्षेत्र की गतिविधियों के गंभीर रूप से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

नेपाल सरकार के मुताबिक, आपदा के बाद प्रधानमंत्री राहत कोष में देश और विदेश से आर्थिक सहयोग मिल रहा है। वहीं चिलिमे इलाके में टनल में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए भारतीय सेना, NDRF और BRO की मदद से रेस्क्यू अभियान भी जारी है।

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