Dhan Kharidi New Guidelines : रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी सत्र शुरू होने से पहले किसानों के लिए महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार धान खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रही है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के प्रस्तावित दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसानों को टोकन में दर्ज मात्रा के मुताबिक ही धान लेकर खरीदी केंद्र पहुंचना होगा। निर्धारित तारीख पर धान नहीं लाने या टोकन में दर्ज मात्रा से कम धान लाने की स्थिति में किसानों को परेशानी हो सकती है। ऐसे में किसानों के लिए जरूरी है कि वे टोकन, पंजीयन और खरीदी केंद्र से संबंधित नियमों की जानकारी पहले ही जुटा लें।
टोकन के अनुसार ही लाना होगा धान
नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य धान खरीदी केंद्रों में भीड़ को नियंत्रित करना और खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है। टोकन में किसान के लिए निर्धारित तारीख, खरीदी केंद्र और धान की मात्रा का विवरण दर्ज रहता है।
ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे टोकन में दर्ज जानकारी ध्यान से जांच लें। निर्धारित मात्रा के अनुसार धान की तैयारी करें और खरीदी केंद्र पहुंचने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनके पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध हैं।
निर्धारित तारीख पर पहुंचना होगा जरूरी
धान खरीदी के दौरान टोकन की तारीख का विशेष महत्व होता है। यदि किसान निर्धारित दिन खरीदी केंद्र नहीं पहुंच पाते हैं, तो उन्हें आगे की प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है। टोकन की वैधता, दोबारा तारीख मिलने और छूट से संबंधित नियमों की जानकारी संबंधित समिति से लेना जरूरी होगा।
किसानों को अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए अपनी खरीदी की तारीख पहले से नोट कर लेनी चाहिए।
कम धान लाने पर हो सकती है परेशानी
टोकन में दर्ज मात्रा से कम धान लेकर पहुंचने की स्थिति में खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए किसानों को अपनी उपज का सही आकलन करके ही टोकन से संबंधित तैयारी करनी चाहिए।
यदि किसी कारण से पूरी मात्रा में धान उपलब्ध नहीं है, तो खरीदी केंद्र प्रभारी या संबंधित प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति से पहले संपर्क करना बेहतर होगा। इससे नियमों को लेकर भ्रम की स्थिति से बचा जा सकता है।
किसानों को इन बातों का रखना होगा ध्यान
धान खरीदी के दौरान किसानों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए:
- टोकन में दर्ज तारीख और मात्रा की जांच करें।
- निर्धारित दिन ही खरीदी केंद्र पहुंचने की तैयारी रखें।
- धान की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों का ध्यान रखें।
- पंजीयन तथा पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेज साथ रखें।
- किसी समस्या की स्थिति में समिति या संबंधित विभाग से संपर्क करें।