Punjab Election 2027 : चंडीगढ़। पंजाब में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने चुनावी तैयारियों को गति देते हुए अपने 40 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। इस सूची की सबसे बड़ी खासियत यह है कि पार्टी ने सभी 40 मौजूदा विधायकों पर एक बार फिर भरोसा जताया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान धूरी विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। वहीं, जेल में बंद मंत्री को भी पार्टी ने टिकट दिया है। पहली सूची जारी होने के बाद पंजाब की राजनीति में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पार्टी के इस फैसले को मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन और संगठन में उनके अनुभव पर भरोसे के तौर पर देखा जा रहा है।
AAP ने जारी की 40 उम्मीदवारों की पहली सूची
आम आदमी पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इसमें कुल 40 नाम शामिल किए गए हैं। पार्टी ने इस बार उम्मीदवारों के चयन में मौजूदा विधायकों को प्राथमिकता दी है।
सूची में शामिल सभी 40 उम्मीदवार वर्तमान में विधायक हैं। इस फैसले से पार्टी ने संकेत दिया है कि वह अपने मौजूदा जनप्रतिनिधियों को दोबारा मौका देकर चुनावी मैदान में उतारना चाहती है।
धूरी सीट से ही चुनाव लड़ेंगे मुख्यमंत्री भगवंत मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान एक बार फिर धूरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उन्होंने इसी सीट से जीत हासिल की थी।
पार्टी ने उन्हें दोबारा इसी क्षेत्र से उम्मीदवार घोषित कर अपनी राजनीतिक रणनीति स्पष्ट कर दी है। धूरी सीट पर भगवंत मान की उम्मीदवारी को आगामी चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जेल में बंद मंत्री को भी मिला टिकट
AAP की पहली सूची में सबसे ज्यादा चर्चा जेल में बंद मंत्री को टिकट दिए जाने को लेकर हो रही है। पार्टी ने उन्हें भी चुनावी मैदान में उतारने का फैसला किया है।
इस फैसले ने पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी पर सवाल उठा सकते हैं। हालांकि, पार्टी ने अपनी पहली सूची के जरिए संबंधित उम्मीदवारों पर भरोसा जताया है।
मौजूदा विधायकों पर पार्टी ने जताया भरोसा
पहली सूची में सभी मौजूदा विधायकों को जगह देकर AAP ने फिलहाल बड़े स्तर पर टिकट काटने से परहेज किया है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, इस रणनीति के पीछे मौजूदा विधायकों के अनुभव और विधानसभा क्षेत्रों में उनकी सक्रियता को बनाए रखने की कोशिश हो सकती है।
पार्टी को उम्मीद है कि मौजूदा चेहरों को दोबारा मौका देने से चुनावी तैयारियों को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं के बीच भी स्पष्ट संदेश जाएगा।