Shravan Putrada Ekadashi 2026 : विष्णु सहस्रनाम के पाठ का महत्व, कथा और सही समय

Shravan Putrada Ekadashi 2026 : नई दिल्ली। आज 23 अगस्त 2026 को श्रावण मास की पुत्रदा एकादशी मनाई जा रही है। यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने से भक्तों को सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की प्राप्ति होती है। पुत्रदा एकादशी विशेष रूप से संतान सुख की कामना करने वाले दंपतियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है।

विष्णु सहस्रनाम का क्या है महत्व?

एकादशी के दिन भगवान विष्णु के विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। विष्णु सहस्रनाम में भगवान विष्णु के एक हजार नामों का वर्णन मिलता है। धार्मिक मान्यता है कि इन नामों का श्रद्धापूर्वक जाप करने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मक विचारों से मुक्ति पाने में सहायता मिलती है।

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कहा जाता है कि नियमित रूप से विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से व्यक्ति में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। एकादशी के दिन इसका पाठ विशेष फलदायी माना गया है।

पुत्रदा एकादशी की धार्मिक कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, एक राजा संतान न होने के कारण बेहद चिंतित रहता था। उसने कई उपाय किए, लेकिन उसकी इच्छा पूरी नहीं हुई। एक दिन उसे ऋषियों से पुत्रदा एकादशी का व्रत करने की सलाह मिली। राजा ने श्रद्धा और नियमपूर्वक एकादशी का व्रत रखा तथा भगवान विष्णु की पूजा की। व्रत के प्रभाव से उसकी मनोकामना पूरी हुई और उसे संतान की प्राप्ति हुई।

इसी कारण इस एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहा जाता है। हालांकि, धार्मिक मान्यताएं आस्था पर आधारित हैं।

कैसे करें भगवान विष्णु की पूजा?

इस दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थल पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित कर उन्हें पीले फूल, तुलसी दल और नैवेद्य अर्पित करें। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें और श्रद्धापूर्वक विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

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