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दुर्ग जिले में सड़क सुरक्षा माह (Road Safety Month 2026) के तहत ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूकता और सख्ती दोनों बढ़ा दी गई हैं। हालिया जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि कुछ पुलिसकर्मी खुद ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे थे। वे बिना हेलमेट बाइक चलाते हुए ड्यूटी पर जा रहे थे या लौट रहे थे। शहर की जागरूक जनता भी अक्सर इस दोहरे मापदंड पर सवाल उठाती थी। आज की कार्रवाई ने उन सवालों का करारा जवाब दिया है।
एसपी दुर्ग ने बताया कि ट्रैफिक डीएसपी की अगुवाई में टीम ने शहर के प्रमुख एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर घेराबंदी की थी। जैसे ही कोई पुलिसकर्मी बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते दिखा, उसे तुरंत रोककर कार्रवाई की गई। बता दें कि साल 2026 के अब तक के आंकड़ों के अनुसार, दुर्ग पुलिस ने हेलमेट न पहनने के मामले में पुलिस विभाग के ही 85 से अधिक कर्मचारियों पर कार्रवाई की है, जो विभाग के कड़े रुख को दर्शाता है।
“हमने अपने कर्मचारियों को कई बार चेतावनी दी थी। सड़क सुरक्षा सबसे पहले है, और हम जनता को तभी नियमों का पालन करने के लिए कह सकते हैं जब हम खुद उसका उदाहरण बनें। यह कार्रवाई हमारे सभी पुलिसकर्मियों के लिए एक सख्त संदेश है।”
— रामगोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक (SP), दुर्ग जिला
दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में बढ़ते सड़क हादसों (Road Accidents in 2026) को देखते हुए प्रशासन ने ‘नो हेलमेट, नो मूवमेंट’ का नारा दिया है। 24 पुलिसकर्मियों पर हुई इस कार्रवाई के बाद महकमे में हड़कंप है, लेकिन शहरवासियों ने इस निष्पक्ष कदम की सराहना की है। यह कार्रवाई न केवल कानून के प्रति विश्वास बहाल करती है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा मानक सबके लिए समान रूप से लागू हों, चाहे वह कानून का पालन कराने वाला ही क्यों न हो।