Trump AI Crypto Strategy : वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और क्रिप्टोकरेंसी को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक ताकत का अहम आधार बताते हुए दावा किया है कि इन दोनों क्षेत्रों में अमेरिका चीन समेत पूरी दुनिया से काफी आगे निकल चुका है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका ने AI और क्रिप्टो सेक्टर में नेतृत्व नहीं किया, तो चीन वैश्विक बढ़त हासिल कर सकता है।

CNBC को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार की नीतियों का उद्देश्य अमेरिका को हर उभरती हुई तकनीक में नंबर-1 बनाना है। उन्होंने अपने परिवार के क्रिप्टो कारोबार को लेकर लगाए जा रहे हितों के टकराव (Conflict of Interest) के आरोपों को भी पूरी तरह खारिज कर दिया।
AI और क्रिप्टो में अमेरिका की बढ़त का दावा
Trump AI Crypto Strategy पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को तकनीकी क्रांति की अगुवाई करनी होगी। उन्होंने कहा कि AI और डिजिटल करेंसी आने वाले समय में वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को तय करेंगे।
ट्रंप ने कहा,
“मैं क्रिप्टो को सिर्फ निवेश के रूप में नहीं देखता। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का भी बड़ा मुद्दा है। अगर अमेरिका पीछे हटेगा तो चीन आगे निकल जाएगा। इसलिए हमारा लक्ष्य हर हाल में दुनिया में पहला स्थान बनाए रखना है।”
उन्होंने आगे दावा किया कि AI के क्षेत्र में अमेरिका चीन सहित अन्य सभी देशों से काफी आगे है और यह बढ़त आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी।
शी जिनपिंग से मुलाकात का किया जिक्र
ट्रंप ने इंटरव्यू के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि शी जिनपिंग ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था में आए बदलाव की सराहना की थी।
ट्रंप के अनुसार, बातचीत के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि अमेरिका पहले आर्थिक रूप से धीमा पड़ गया था, लेकिन अब फिर से दुनिया की सबसे तेज़ी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो गया है।
हालांकि, ट्रंप के इस दावे की चीन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
क्रिप्टो कारोबार से 1.2 अरब डॉलर की कमाई
Trump AI Crypto Strategy के साथ-साथ ट्रंप की क्रिप्टो आय भी चर्चा का विषय बनी हुई है। 30 जून को अमेरिकी ऑफिस ऑफ गवर्नमेंट एथिक्स द्वारा जारी 900 पन्नों के वित्तीय खुलासे में बताया गया कि वर्ष 2025 के दौरान ट्रंप ने क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े कारोबार से करीब 1.2 अरब अमेरिकी डॉलर की कमाई की।
दस्तावेज़ के अनुसार, सितंबर 2024 में ट्रंप परिवार के समर्थन से शुरू किए गए World Liberty Financial (WLF) के टोकन की पहली बिक्री से ही ट्रंप को लगभग 550 मिलियन डॉलर की आय हुई।
बेटों ने भी खरीदे अरबों डॉलर के WLFI टोकन
वित्तीय दस्तावेज़ में यह भी खुलासा हुआ कि ट्रंप और उनके तीन बेटों ने DT Marks DeFi नामक कंपनी के माध्यम से 22.5 अरब WLFI टोकन खरीदे। इन टोकनों की अनुमानित मौजूदा कीमत लगभग 1.3 अरब अमेरिकी डॉलर बताई गई है।
इस खुलासे के बाद विपक्षी नेताओं और आलोचकों ने ट्रंप परिवार के कारोबारी हितों और सरकारी नीतियों के बीच संभावित टकराव को लेकर सवाल उठाए हैं।
हितों के टकराव के आरोपों को बताया निराधार
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या उन्हें सार्वजनिक खुलासे से पहले अपने परिवार के क्रिप्टो निवेश की पूरी जानकारी थी, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी हो सकती थी, लेकिन इसमें कुछ भी गैरकानूनी नहीं है।
उन्होंने कहा कि उनके परिवार का कारोबार राजनीति में आने से कई साल पहले से चल रहा है और राष्ट्रपति बनने के बाद भी उन्होंने अपने बच्चों को सार्वजनिक जिम्मेदारियों और निजी कारोबार के बीच संतुलन बनाने की सलाह दी है।
ट्रंप ने कहा,
“मैं अपने बच्चों से हमेशा कहता हूं कि जितना संभव हो इन मामलों से दूरी रखें, लेकिन उनकी अपनी जिंदगी और अपना व्यवसाय है। हमारा कारोबारी इतिहास राजनीति से बहुत पहले का है।”
‘कारोबारी अनुभव ही अमेरिका की ताकत’
ट्रंप ने कहा कि एक सफल कारोबारी होने का अनुभव आज अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि इसी वजह से अमेरिकी जनता ने उन्हें नेतृत्व के लिए चुना।
उन्होंने कहा कि अमेरिका आज चीन समेत कई बड़े देशों को आर्थिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा में पीछे छोड़ रहा है।
ट्रंप ने कहा,
“हम चीन से आगे हैं, बाकी देशों से भी आगे हैं। आज पूरी दुनिया अमेरिका से जलती है क्योंकि हम हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।”
AI और क्रिप्टो पर ट्रंप की रणनीति क्यों है अहम?
विशेषज्ञों का मानना है कि AI और क्रिप्टोकरेंसी आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था, रक्षा, वित्तीय प्रणाली और तकनीकी प्रतिस्पर्धा को नई दिशा देंगे। ऐसे में Trump AI Crypto Strategy केवल आर्थिक नीति नहीं बल्कि अमेरिका की वैश्विक रणनीति का भी अहम हिस्सा बन चुकी है।
हालांकि, ट्रंप परिवार के क्रिप्टो निवेश और सरकारी नीतियों के बीच संभावित हितों के टकराव को लेकर अमेरिका में राजनीतिक बहस लगातार तेज होती जा रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा अमेरिकी राजनीति और 2026-27 की नीति चर्चाओं में भी प्रमुख बना रह सकता है।