TS Singhdev’ अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट के बीच पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव का एक बड़ा बयान सामने आया है। सरगुजा प्रवास के दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए सिंहदेव ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि पार्टी उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) का अध्यक्ष नियुक्त करती है, तो वे इस बड़ी जिम्मेदारी को निभाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
“हाईकमान का फैसला सर्वोपरि”
सिंहदेव ने संगठन में अपनी भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर विराम लगाते हुए कहा कि एक अनुशासित सिपाही के तौर पर वे पार्टी के हर आदेश का पालन करेंगे। उन्होंने कहा:
“अगर हाईकमान मुझे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपता है, तो मैं पीछे नहीं हटूंगा। मेरी प्राथमिकता गुटबाजी को खत्म कर सबको साथ लेकर चलने की होगी, ताकि संगठन को जमीनी स्तर पर फिर से मजबूत किया जा सके।”
गुटबाजी खत्म करना सबसे बड़ी चुनौती
चुनावों में हार के बाद कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान पर भी ‘बाबा’ ने बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी को इस वक्त एकजुटता की सबसे ज्यादा जरूरत है। उनके इस बयान के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं:
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अनुभव का लाभ: सिंहदेव का लंबा राजनीतिक अनुभव और सौम्य छवि कार्यकर्ताओं को जोड़ने में मददगार साबित हो सकती है।
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संतुलन की राजनीति: वे शुरू से ही सबको साथ लेकर चलने की वकालत करते रहे हैं, जो मौजूदा परिस्थितियों में कांग्रेस के लिए संजीवनी बन सकती है।
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संगठन में बदलाव: वर्तमान अध्यक्ष दीपक बैज के कार्यकाल और संभावित बदलावों के बीच सिंहदेव की यह ‘तैयारी’ दिल्ली दरबार तक बड़ा संदेश पहुंचा रही है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
सिंहदेव के इस बयान के बाद उनके समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखी जा रही है। अंबिकापुर समेत पूरे प्रदेश में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या कांग्रेस आगामी चुनौतियों को देखते हुए किसी अनुभवी चेहरे पर दांव लगाएगी।