US-Iran Conflict : अमेरिका-ईरान तनाव चरम पर, मिसाइल हमलों के बाद ट्रंप का बड़ा ऐलान

Trump's major announcement following missile attacks Trump's major announcement following missile attacks
Trump's major announcement following missile attacks

US-Iran Conflict : मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी वायुसेना ने पिछले कुछ घंटों में ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमले किए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन हमलों में चाबहार, बुशहर और बंदर अब्बास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को निशाना बनाया गया। इन शहरों का सामरिक महत्व काफी बड़ा माना जाता है क्योंकि ये ईरान की नौसैनिक और ऊर्जा गतिविधियों के प्रमुख केंद्र हैं।

Trump's major announcement following missile attacks
Trump’s major announcement following missile attacks

इन हमलों का समय भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। जिस दिन यह कार्रवाई हुई, उसी दिन ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता आयतुल्ला सैय्यद अली खामेनेई का जनाजा मशहद पहुंचने और उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की प्रक्रिया चल रही थी। हालांकि, जिन शहरों पर हमला हुआ, वे मशहद से लगभग 1100 से 1200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं।

अमेरिकी सेना ने क्या बताया?

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अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है। अमेरिका का आरोप है कि ईरान की गतिविधियों से वैश्विक समुद्री व्यापार प्रभावित हो सकता है, इसलिए यह कार्रवाई सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए की गई।

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डोनाल्ड ट्रंप का सख्त संदेश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान को लेकर बेहद कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि उनके अनुसार ईरान के साथ हुआ संघर्षविराम (Ceasefire) अब प्रभावी नहीं रहा।

ट्रंप ने कहा कि अब केवल बातचीत से समाधान संभव नहीं दिखता। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका दोबारा और बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका किसी लंबे युद्ध में शामिल होने का इच्छुक नहीं है और यदि आगे कोई कदम उठाया जाएगा तो वह बेहद तेज और निर्णायक होगा।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी दी चेतावनी

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि ईरान अमेरिकी जहाजों या सैन्य हितों को निशाना बनाने की कोशिश करता है तो अमेरिका उसका करारा जवाब देगा। उनके इस बयान ने दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को और गंभीर बना दिया है।

ईरान ने अमेरिका पर लगाए समझौता तोड़ने के आरोप

दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए पलटवार किया है। ईरान के संसद अध्यक्ष और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अमेरिका पर समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन ने बार-बार शुरुआती समझौतों का उल्लंघन किया, जिसके कारण ईरान को जवाबी कदम उठाने पड़े। गालिबाफ ने कहा कि दबाव और धमकियों का दौर अब खत्म हो चुका है तथा ईरान किसी भी तरह के दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है।

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Strait of Hormuz क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की बड़ी मात्रा इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है। यदि इस क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ता है तो अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार, शिपिंग उद्योग और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर पड़ सकता है।

क्या बढ़ सकता है मध्य पूर्व का संकट?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई और बयानबाजी का सिलसिला जारी रहा तो पूरे मध्य पूर्व में अस्थिरता बढ़ सकती है। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हुई है।

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