US-Iran’ शांति समझौते पर फिर फंसा पेंच, ट्रंप बोले- 300 अरब डॉलर देने का दावा झूठा

US-Iran’ वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में घोषित अंतरिम शांति समझौते पर एक बार फिर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। दोनों देशों के बीच महीनों से जारी तनाव और संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में हुई प्रगति के बावजूद अब वित्तीय सहायता और परमाणु कार्यक्रम को लेकर नए विवाद सामने आ गए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि ईरान ने समझौते के तहत 300 अरब डॉलर के आर्थिक पैकेज की मांग की है और अमेरिका इस पर विचार कर रहा है। ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बातचीत के दौरान किसी भी प्रकार की धनराशि देने या आर्थिक सहायता प्रदान करने पर चर्चा नहीं हुई है।

CM हेल्पलाइन 1076 पर 5 दिन में 15,434 शिकायतें, बिजली और जमीन से जुड़े मामले सबसे आगे

Advertisement

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, “300 अरब डॉलर देने की बात पूरी तरह गलत और भ्रामक है। ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है। हमारी प्राथमिकता क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करना है, न कि किसी तरह का वित्तीय पैकेज देना।”

उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान ने भविष्य में परमाणु हथियार विकसित नहीं करने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि, दोनों देशों के बीच हुई अंतरिम शांति डील में ईरान के परमाणु कार्यक्रम की रूपरेखा और उसके भविष्य को लेकर अभी भी कई महत्वपूर्ण बिंदु स्पष्ट नहीं हो सके हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि परमाणु गतिविधियों पर निगरानी, प्रतिबंधों में संभावित ढील और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर अभी विस्तृत बातचीत होना बाकी है। यही कारण है कि समझौते के बावजूद दोनों देशों के बीच कई सवाल अनुत्तरित बने हुए हैं।

ईरान की ओर से अभी तक ट्रंप के बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है क्योंकि अमेरिका-ईरान संबंधों का असर पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।

Spread the love
Advertisement