वॉशिंगटन/तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अपने तेवर और कड़े कर दिए हैं। रविवार को ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ को दिए एक विस्फोटक इंटरव्यू में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि ईरान का तेल उनके रडार पर है। उन्होंने कहा कि ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र, खार्ग द्वीप (Kharg Island) पर कब्जा करना उनके लिए एक व्यवहार्य विकल्प है।
“तेल लेना मेरी प्राथमिकता”
इंटरव्यू के दौरान जब ट्रंप से ईरान के खिलाफ भावी रणनीति के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दो-टूक कहा:
“ईमानदारी से कहूं तो, मेरी सबसे पसंदीदा चीज ईरान का तेल अपने नियंत्रण में लेना है। कुछ लोग पूछते हैं कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं, लेकिन वे नहीं समझते कि यह कितना महत्वपूर्ण है।”
ट्रंप ने इसकी तुलना वेनेजुएला से करते हुए संकेत दिया कि अमेरिका रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों पर अनिश्चित काल के लिए नियंत्रण रख सकता है।
खार्ग द्वीप पर कब्जे का संकेत
ईरान का लगभग 90% कच्चा तेल खार्ग द्वीप के माध्यम से निर्यात होता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस द्वीप को “बहुत आसानी से” जीत सकता है क्योंकि वहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस ऑपरेशन का मतलब होगा कि अमेरिकी सैनिकों को लंबे समय तक वहां रुकना पड़ेगा।
6 अप्रैल की समयसीमा और युद्ध का खतरा
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि तेहरान उनकी शर्तों पर समझौता नहीं करता है, तो ईरान के पास “बचने का कोई रास्ता नहीं” होगा। उन्होंने बातचीत के लिए 6 अप्रैल 2026 की डेडलाइन तय की है। यदि तब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर बड़े हमले कर सकता है।