HR मैनेजर का ‘प्रेग्नेंसी’ कार्ड
लंबे समय से पुलिस की पकड़ से दूर, निदा खान ने कानूनी राहत के लिए गुहार लगाई है। खान ने दावा किया है कि वह गर्भवती है। इस मेडिकल आधार का हवाला देते हुए, उन्होंने कोर्ट से गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण या किसी भी तरह की तत्काल राहत की मांग की है। यह नया मोड़ नासिक पुलिस के लिए एक चुनौती बन सकता है, जो खान को मुख्य साजिशकर्ता मानकर सरगर्मी से तलाश कर रही थी। खान की लोकेशन सामने आने के बाद, पुलिस अब उनके अगले कानूनी कदम पर नजर रख रही है।
जांच में बड़े खुलासे की उम्मीद
नासिक TCS कैंपस में सामने आए इस रैकेट ने न केवल कॉरपोरेट जगत को हिला दिया है, बल्कि धार्मिक रूपांतरण के संगठित प्रयासों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खान पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर कैंपस के भीतर कर्मचारियों पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला और कुछ मामलों में यौन उत्पीड़न का भी इस्तेमाल किया। अब जब खान ने खुद कोर्ट में अर्जी दाखिल की है, तो उम्मीद जताई जा रही है कि उनकी गिरफ्तारी और पूछताछ से इस पूरे नेटवर्क और इसके पीछे के असली चेहरों का पर्दाफाश हो सकेगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, खान के पास से महत्वपूर्ण सबूत मिल सकते हैं।
निदा खान के प्रेग्नेंसी दावे ने इस हाई-प्रोफाइल मामले को कानूनी और मानवीय दोनों स्तरों पर जटिल बना दिया है। कोर्ट अब पुलिस को खान की मेडिकल रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दे सकता है। यदि दावा सही साबित होता है, तो खान को गिरफ्तारी से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है, जिससे पुलिस की पूछताछ और मुख्य साजिश का खुलासा होने में देरी होगी। दूसरी ओर, यह मामला TCS जैसे बड़े कॉरपोरेट घरानों के लिए एक बड़ा सबक है, कि वे अपने कार्यस्थल के माहौल और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्क रहें। इस मामले का नतीजा भविष्य में कार्यस्थल पर धर्म परिवर्तन के प्रयासों के खिलाफ कानूनी रुख को भी प्रभावित कर सकता है।