Amit Baghel’ रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित बलौदाबाजार हिंसा मामले में हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी अमित बघेल समेत तीन लोगों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने मामले को गंभीर अपराध मानते हुए बेल देने से साफ इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस एनके व्यास ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपियों ने 7 से 8 हजार लोगों की भीड़ को उकसाकर हिंसा भड़काई, जिसके कारण 13 से 15 करोड़ रुपये तक की सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
‘गंभीर अपराध में नहीं मिल सकती राहत’
कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि इस तरह के गंभीर और संगठित अपराध में आरोपियों को जमानत देना उचित नहीं है। न्यायालय ने यह भी माना कि प्रथम दृष्टया आरोपियों की भूमिका हिंसा भड़काने में महत्वपूर्ण रही है।
भारी नुकसान और कानून-व्यवस्था पर असर
मामले में सामने आया है कि हिंसा के दौरान बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ और आगजनी हुई थी, जिससे सरकारी संपत्ति के साथ-साथ निजी संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा। इस घटना से क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर भी गहरा असर पड़ा था।
जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी
फिलहाल मामले की जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है। पुलिस और प्रशासन इस केस में साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रहे हैं।