Shivling Puja Rules : शिवलिंग पर केतकी का फूल और सिंदूर क्यों नहीं चढ़ाया जाता? जानिए धार्मिक मान्यता और पौराणिक कथा

Shivling Puja Rules : नई दिल्ली। सनातन धर्म में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि विधि-विधान से शिवलिंग का अभिषेक और पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। हालांकि, शिवलिंग की पूजा के दौरान कुछ ऐसी वस्तुएं भी हैं जिन्हें अर्पित करना वर्जित माना गया है। इनमें केतकी का फूल और सिंदूर प्रमुख हैं।

आइए जानते हैं कि आखिर शिवलिंग पर केतकी का फूल और सिंदूर क्यों नहीं चढ़ाया जाता और इसके पीछे क्या धार्मिक मान्यता है।

शिवलिंग पर केतकी का फूल क्यों नहीं चढ़ाया जाता?

शिव पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, एक बार भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु के बीच श्रेष्ठता को लेकर विवाद हो गया। विवाद सुलझाने के लिए दोनों भगवान शिव के Aपास पहुंचे। तब भगवान शिव ने एक अनंत ज्योतिर्लिंग प्रकट किया और कहा कि जो इसके आदि या अंत का पता लगा लेगा, वही श्रेष्ठ माना जाएगा।

Advertisement

Raipur Crime News :: लालपुर ब्रिज के नीचे कारोबारी से मारपीट और लूट, घटना का वीडियो वायरल

भगवान विष्णु ज्योतिर्लिंग का अंत खोजने के लिए पाताल की ओर गए, जबकि ब्रह्मा जी उसके शीर्ष की खोज में आकाश की ओर निकल पड़े। काफी प्रयास के बाद भगवान विष्णु ने अपनी असफलता स्वीकार कर ली, लेकिन ब्रह्मा जी को मार्ग में केतकी का फूल मिला। ब्रह्मा जी ने केतकी के फूल को झूठा साक्षी बनाकर दावा किया कि उन्होंने ज्योतिर्लिंग का शीर्ष खोज लिया है।

भगवान शिव ब्रह्मा जी का असत्य जान गए। इससे क्रोधित होकर उन्होंने केतकी के फूल को अपनी पूजा में हमेशा के लिए वर्जित कर दिया। इसी कारण शिवलिंग पर केतकी का फूल अर्पित नहीं किया जाता।

शिवलिंग पर सिंदूर क्यों नहीं चढ़ाया जाता?

हिंदू धर्म में सिंदूर सुहाग और वैवाहिक सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान शिव एक वैरागी और तपस्वी स्वरूप में पूजे जाते हैं। इसलिए शिवलिंग पर सिंदूर अर्पित करने की परंपरा नहीं है।

भगवान शिव की पूजा में सिंदूर के स्थान पर चंदन, भस्म, बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, गंगाजल, दूध और शहद जैसी वस्तुएं अर्पित की जाती हैं, जिन्हें अत्यंत शुभ माना जाता है।

भगवान शिव को क्या अर्पित करना शुभ माना जाता है?

भगवान शिव की पूजा में इन वस्तुओं का विशेष महत्व बताया गया है—

  • बेलपत्र
  • गंगाजल
  • कच्चा दूध
  • चंदन
  • भस्म
  • धतूरा
  • आक के फूल
  • शहद
  • सफेद पुष्प (केतकी को छोड़कर)

धार्मिक मान्यता

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, भगवान शिव की पूजा हमेशा शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार करनी चाहिए। मान्यता है कि उचित विधि से पूजा करने पर भोलेनाथ शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।

Spread the love
Advertisement