CG Crime : दुर्ग।’ छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है। मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने गए 10वीं कक्षा के एक छात्र के साथ कथित अश्लील हरकत करने के आरोप में पुलिस ने 61 वर्षीय डॉक्टर सुधीर हिसीकर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। यह मामला पद्मनाभपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मेडिकल जांच के दौरान अश्लील हरकत का आरोप
पुलिस के अनुसार, 10वीं का छात्र मेडिकल सर्टिफिकेट बनवाने के लिए बोरसी स्थित सेवा भारती मातृ छाया एडॉप्शन सेंटर पहुंचा था। आरोप है कि मेडिकल जांच के दौरान डॉक्टर ने छात्र के साथ अनुचित व्यवहार किया और उसके प्राइवेट पार्ट को छुआ तथा उसे गले लगाया।
घटना के बाद छात्र ने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। परिजनों ने मामले की शिकायत पुलिस से की, जिसके बाद तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने दर्ज किया मामला
पीड़ित पक्ष की शिकायत के आधार पर पद्मनाभपुर थाना पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ मामला दर्ज किया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच और बयान दर्ज करने के बाद डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चूंकि मामला नाबालिग से जुड़ा है, इसलिए पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
एडॉप्शन सेंटर के संचालक भी हैं आरोपी
जानकारी के अनुसार, आरोपी डॉक्टर सुधीर हिसीकर बोरसी स्थित सेवा भारती मातृ छाया एडॉप्शन सेंटर के संचालक भी हैं। कथित घटना भी इसी परिसर में हुई बताई जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस तरह की कोई अन्य शिकायत पहले भी सामने आई थी या नहीं।
जांच एजेंसियां सेंटर से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। पीड़ित छात्र और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। यदि जांच के दौरान कोई अतिरिक्त तथ्य या साक्ष्य सामने आते हैं, तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि मामले से जुड़े सभी साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं और कानून के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिग बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों को गंभीर श्रेणी में रखा गया है। ऐसे मामलों में पुलिस को त्वरित जांच और कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है। यदि आरोप अदालत में साबित होते हैं, तो दोषी के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर दंड का प्रावधान है।