UPI Transaction : नई दिल्ली। डिजिटल पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच UPI Transaction से जुड़ी फीस को लेकर एक अहम बदलाव चर्चा में है। खासतौर पर बड़े मूल्य के कुछ UPI लेनदेन में Merchant Discount Rate यानी MDR को सीमित करने का प्रस्ताव सामने आया है। इसके तहत पात्र लेनदेन पर MDR की अधिकतम राशि 5 रुपये तक रखने की बात कही जा रही है। हालांकि यह व्यवस्था हर तरह के UPI भुगतान पर लागू नहीं होगी और इसकी शर्तें लेनदेन की श्रेणी पर निर्भर करेंगी।
क्या है MDR चार्ज?
MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है, जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर व्यापारी के स्तर पर लिया जा सकता है। इसमें भुगतान प्रणाली से जुड़े विभिन्न पक्षों की लागत शामिल होती है। UPI के सामान्य व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान में वर्तमान व्यवस्था अलग है, जबकि कुछ व्यापारी लेनदेन और विशेष श्रेणियों के भुगतान के लिए अलग नियम लागू हो सकते हैं।
5 हजार से 1 लाख तक के भुगतान पर चर्चा
प्रस्तावित व्यवस्था में जिन पात्र लेनदेन को शामिल किया जाएगा, उनमें भुगतान की राशि 5 हजार रुपये हो या 1 लाख रुपये, MDR को एक निश्चित अधिकतम सीमा के भीतर रखने की बात है। ऐसे में व्यापारी को ट्रांजेक्शन की रकम बढ़ने के साथ उसी अनुपात में MDR नहीं देना पड़ेगा।
हालांकि यह समझना जरूरी है कि 5 रुपये की सीमा सभी UPI ट्रांजेक्शन के लिए नहीं है। सामान्य UPI भुगतान को इस खबर के आधार पर चार्जेबल मानना सही नहीं होगा।
आम ग्राहकों पर क्या होगा असर?
अगर कोई ग्राहक UPI के जरिए किसी दुकान या सेवा के लिए भुगतान करता है, तो केवल इस आधार पर उससे अतिरिक्त शुल्क लिया जाना जरूरी नहीं है। MDR मुख्य रूप से व्यापारी और भुगतान स्वीकार करने वाली व्यवस्था से संबंधित शुल्क है। इसलिए ग्राहक को भुगतान करने से पहले किसी अतिरिक्त चार्ज की जानकारी स्क्रीन पर दिखाई देती है या नहीं, यह जांच लेना चाहिए।
छोटे कारोबारियों को मिल सकती है राहत
MDR की अधिकतम सीमा तय होने से डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले कारोबारियों के लिए लागत का अनुमान लगाना आसान हो सकता है। खासकर ऐसे व्यापारियों को फायदा हो सकता है, जहां अपेक्षाकृत बड़े मूल्य के डिजिटल भुगतान नियमित रूप से होते हैं।