High Court’ बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने घरेलू हिंसा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में स्पष्ट किया है कि घरेलू हिंसा से संबंधित विवादों का दायरा केवल पति तक सीमित नहीं है। पारिवारिक रिश्तों और साझा घर से जुड़े मामलों में परिवार के अन्य सदस्य भी कानूनी दायरे में आ सकते हैं। हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने बहू और उसके परिजनों की याचिका खारिज करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में आरोपों की सच्चाई का फैसला शुरुआती स्तर पर नहीं किया जा सकता। इसके लिए साक्ष्य और गवाहों के आधार पर ट्रायल जरूरी है।
सास और ननद ने बहू के खिलाफ दर्ज कराई थी शिकायत
इस मामले की खास बात यह है कि शिकायत आमतौर पर सामने आने वाले मामलों से अलग थी। यहां बहू ने सास या ससुराल पक्ष के खिलाफ शिकायत नहीं की थी, बल्कि सास और ननद ने अपनी बहू तथा उसके मायके पक्ष के लोगों के खिलाफ घरेलू हिंसा से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी।
शिकायत के बाद बहू और उसके परिजनों ने हाईकोर्ट का रुख किया और मामले को समाप्त करने की मांग की। उनका पक्ष था कि उनके खिलाफ कार्रवाई का आधार पर्याप्त नहीं है।
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि साझा घर और पारिवारिक रिश्तों से जुड़े विवादों में लगाए गए आरोपों की वास्तविकता का परीक्षण साक्ष्यों के आधार पर किया जाना जरूरी है। अदालत ने कहा कि इस स्तर पर मामले को खत्म करना उचित नहीं होगा।
सिंगल बेंच ने बहू और उसके परिजनों की याचिका खारिज करते हुए मामले को ट्रायल के लिए आगे बढ़ने दिया।
शुरुआती स्तर पर तय नहीं हो सकता आरोपों का सच
हाईकोर्ट ने अपने फैसले में इस बात पर जोर दिया कि घरेलू विवादों से जुड़े मामलों में केवल आरोपों के आधार पर अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जा सकता। शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, इसका निर्धारण साक्ष्य, दस्तावेज और गवाहों के परीक्षण के बाद ही किया जा सकता है।
यानी किसी मामले में आरोप लगाए जाने मात्र से दोष सिद्ध नहीं होता। अदालत में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर ही मामले का अंतिम फैसला होगा।
पारिवारिक रिश्तों की भी होगी कानूनी जांच
फैसले से यह स्पष्ट होता है कि घरेलू हिंसा से जुड़े मामलों में परिस्थितियों और पारिवारिक संबंधों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। यदि किसी शिकायत में परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ भी आरोप लगाए गए हैं, तो उनकी भूमिका का परीक्षण कानूनी प्रक्रिया के तहत किया जा सकता है।