नई दिल्ली: Election Commission SIR Campaign 2026: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को लेकर बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने SIR पूरा कर चुके 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष अभियान चलाकर छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान में खास तौर पर पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और उन मतदाताओं को शामिल किया जाएगा, जिनके नाम किसी कारण से मौजूदा मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाए हैं।
BLO घर-घर जाकर करेंगे मतदाताओं का सत्यापन
चुनाव आयोग के निर्देश के मुताबिक, बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटाएंगे। BLO को SIR से पहले की मतदाता सूची और मौजूदा सूची की तुलना करने के लिए कहा गया है।
जिन लोगों के नाम पिछली मतदाता सूची में मौजूद थे, लेकिन मौजूदा सूची में नहीं हैं, उनकी अलग सूची तैयार की जाएगी। सत्यापन के बाद यदि संबंधित व्यक्ति मतदाता के रूप में पात्र पाया जाता है, तो उसका नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरवाया जाएगा।
आयोग ने BLO को हर सप्ताह करीब 20 से 25 मतदाताओं को कवर करने और लगभग एक महीने में अभियान पूरा करने का लक्ष्य दिया है।
बूथ स्तर पर लगाए जाएंगे विशेष कैंप
मतदाता पंजीकरण को आसान बनाने के लिए बूथ स्तर पर विशेष कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। आयोग के निर्देशों के अनुसार, श्रमिक बस्तियों, बेघर लोगों, शेल्टर में रहने वाले लोगों और अन्य हाशिए पर रहने वाले समूहों तक पहुंचने के लिए विशेष अभियान चलाया जा सकता है।
इसका उद्देश्य ऐसे पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना है, जो किसी कारण से पंजीकरण प्रक्रिया से बाहर रह गए हैं।
राजनीतिक दलों के बूथ एजेंटों के साथ साझा होगी सूची
BLO की ओर से तैयार की गई सूची को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के साथ भी साझा किया जाएगा। इसके बाद फॉर्म-6 और फील्ड वेरिफिकेशन रिपोर्ट संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) को भेजी जाएगी।
इसके बाद पात्रता और दस्तावेजों की जांच के आधार पर ERO कानून के तहत अंतिम निर्णय लेंगे।
फॉर्म-6 को लेकर भी बदलाव कर चुका है चुनाव आयोग
इससे पहले चुनाव आयोग ने SIR के दौरान फॉर्म-6 को लेकर भी बदलाव किया था। आयोग ने SIR पूरा कर चुके राज्यों में फॉर्म-6 से अतिरिक्त घोषणा को हटाने का फैसला किया था। अब ऐसे राज्यों में नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने वाले आवेदकों को Registration of Electors Rules, 1960 के तहत निर्धारित फॉर्म-6 भरना होगा।
आयोग के मुताबिक, SIR पूरा कर चुके राज्यों में ECINET ऐप और पोर्टल के अलावा संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के पोर्टल से भी अतिरिक्त घोषणा को हटा दिया गया है।
हालांकि, जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया अभी जारी है, वहां फॉर्म-6 में यह अतिरिक्त घोषणा दिखाई दे सकती है।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
SIR को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठाते रहे हैं और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर चिंता जताते रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण को चुनावी प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं को शामिल करने और रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया के रूप में पेश किया है।
अब SIR पूरा कर चुके 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू होने वाला यह अभियान छूटे हुए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जांचने और आवश्यक होने पर उन्हें मतदाता सूची में शामिल करने पर केंद्रित रहेगा।