CG Vedanta Accident : भीषण हादसा’ वेदांत पावर प्लांट में फटा बॉयलर, 10 मजदूरों की मौत, 50 से अधिक घायल

सक्ती | 14 अप्रैल 2026 छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। सिंघीतराई स्थित वेदांत पावर प्लांट में मंगलवार को बॉयलर फटने से जबरदस्त विस्फोट हुआ। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए हैं।

धमाके से थर्राया इलाका, मची चीख-पुकार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के वक्त जब प्लांट में काम जोरों पर था, तभी अचानक बॉयलर में तकनीकी खराबी के कारण एक जोरदार धमाका हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि प्लांट का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वहां काम कर रहे मजदूर इसकी चपेट में आ गए।

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  • रेस्क्यू ऑपरेशन: घटना के तुरंत बाद प्लांट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय प्रशासन और राहत बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर मलबे में दबे और झुलसे हुए मजदूरों को बाहर निकाला।

  • अस्पताल में भर्ती: घायलों को सक्ती के जिला अस्पताल और रायगढ़ के उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है। कई मजदूरों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिससे मौतों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है।

मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: “दोषी बख्शे नहीं जाएंगे”

हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जिला प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री का बयान: “सक्ती के वेदांत पावर प्लांट में हुई दुर्घटना अत्यंत दुखद है। मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैंने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कितना भी बड़ा अधिकारी या प्रबंधन का व्यक्ति हो, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस बड़े हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक संयंत्रों में सुरक्षा मानकों (Safety Norms) की अनदेखी पर सवालिया निशान लगा दिया है।

  • क्या बॉयलर का समय पर मेंटेनेंस किया गया था?

  • क्या सुरक्षा ऑडिट में कमियां पाई गई थीं?

  • क्या क्षमता से अधिक दबाव के कारण यह विस्फोट हुआ?

इन सभी पहलुओं पर अब टेक्निकल टीम जांच करेगी। फिलहाल पुलिस ने प्लांट परिसर को सील कर दिया है और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स साक्ष्य जुटा रहे हैं।

मजदूर संगठनों में आक्रोश

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों और मजदूर संगठनों में भारी रोष व्याप्त है। प्लांट के गेट पर लोगों की भीड़ जमा है, जो मुआवजे और लापरवाह प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है।

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