CGPSC पर 50 हजार रुपये का जुर्माना’ मेंस परीक्षा की उत्तरपुस्तिका से गायब मिले चार पन्ने, High Court’ ने अभ्यर्थी को मुआवजा देने का दिया निर्देश

High Court’ बिलासपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा से जुड़े मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका से चार पन्ने गायब मिलने के मामले में अदालत ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस पीपी साहू की एकलपीठ ने अभ्यर्थी को हुई परेशानी के मद्देनजर उसे 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति के रूप में देने का निर्देश दिया है। इस मामले ने प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्तरपुस्तिकाओं के रखरखाव और मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

उत्तरपुस्तिका से गायब मिले चार पन्ने

यह मामला CGPSC की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में शामिल एक अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, अभ्यर्थी की उत्तरपुस्तिका में चार पन्ने गायब पाए गए थे। मुख्य परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण चयन प्रक्रिया में उत्तरपुस्तिका का पूरा और सुरक्षित होना बेहद जरूरी है, क्योंकि अभ्यर्थी के प्रदर्शन का आकलन इसी के आधार पर किया जाता है।

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उत्तरपुस्तिका से पन्ने गायब होने की स्थिति में मूल्यांकन की निष्पक्षता और अभ्यर्थी को मिले अवसर पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसी मामले को लेकर कानूनी चुनौती दी गई, जिसके बाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।

हाईकोर्ट ने आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर में जस्टिस पीपी साहू की एकलपीठ के समक्ष हुई। अदालत ने उत्तरपुस्तिका से चार पन्ने गायब मिलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करने वाली संस्थाओं की जिम्मेदारी होती है कि परीक्षा से संबंधित दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जाए और मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी प्रकार की त्रुटि न हो। उत्तरपुस्तिका में पन्नों की कमी जैसी स्थिति परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है।

अभ्यर्थी को 50 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का निर्देश

इस मामले में हाईकोर्ट ने अभ्यर्थी को 50 हजार रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह राशि क्षतिपूर्ति के तौर पर दिए जाने की बात सामने आई है। अदालत के इस निर्देश को परीक्षा प्रक्रिया में जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस आदेश के अन्य पहलुओं, जैसे भुगतान की समयसीमा या अभ्यर्थी के परीक्षा परिणाम पर पड़ने वाले प्रभाव, का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।

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