रायपुर। राजधानी रायपुर में सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति और मनमाने ढंग से पोस्टर एवं फ्लैक्स लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए नगर निगम ने बड़ा फैसला लिया है। अब शहर के सभी 10 जोनों में पोस्टर और फ्लैक्स लगाने के लिए निर्धारित स्थान तय कर दिए गए हैं, जहां कोई भी व्यक्ति या संस्था निशुल्क पोस्टर लगा सकेगी। लेकिन यदि तय स्थानों के अलावा किसी अन्य सार्वजनिक जगह पर पोस्टर या बैनर लगाया गया, तो संबंधित व्यक्ति या संस्था पर ₹5,000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
सभी 10 जोनों में तय किए गए पोस्टर जोन
नगर निगम ने शहर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से प्रत्येक जोन में ऐसे स्थान चिन्हित किए हैं, जहां राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक या अन्य आयोजनों से जुड़े पोस्टर और फ्लैक्स लगाए जा सकेंगे। इन स्थानों पर पोस्टर लगाने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
नगर निगम का कहना है कि इस व्यवस्था से शहर की सुंदरता बनी रहेगी और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं में कमी आएगी।
सार्वजनिक संपत्ति पर पोस्टर लगाने पर होगी कार्रवाई
नगर निगम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भवनों, बिजली के खंभों, दीवारों, पुलों, डिवाइडरों, पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर बिना अनुमति पोस्टर, बैनर या फ्लैक्स लगाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्ति, संस्था या आयोजन समिति पर ₹5,000 का जुर्माना लगाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर पोस्टर और फ्लैक्स भी तत्काल हटाए जाएंगे, जिसका खर्च भी संबंधित पक्ष से वसूला जा सकता है।
शहर की सुंदरता और स्वच्छता पर रहेगा फोकस
नगर निगम का कहना है कि शहर में जगह-जगह पोस्टर चिपकाने से न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित होती है, बल्कि सरकारी संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचता है। कई बार दीवारों, बिजली के खंभों और सार्वजनिक भवनों पर लगाए गए पोस्टर लंबे समय तक नहीं हटाए जाते, जिससे गंदगी और अव्यवस्था का माहौल बनता है।
नई व्यवस्था के जरिए शहर को स्वच्छ, व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील
नगर निगम प्रशासन ने राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे केवल निर्धारित स्थानों पर ही पोस्टर और फ्लैक्स लगाएं। इससे अनावश्यक जुर्माने से बचा जा सकेगा और शहर की स्वच्छता एवं सौंदर्य भी बरकरार रहेगा।