Chhattisgarh E-Bus : रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में इलेक्ट्रिक बसों (ई-बस) के संचालन की तैयारी तेज हो गई है। शहरवासियों को जल्द ही प्रदूषण रहित और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत दिसंबर तक ई-बसों के संचालन से जुड़ी आवश्यक तैयारियां पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि मार्च तक बसों का परिचालन शुरू होने की संभावना है। इससे शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और यात्रियों को बेहतर आवागमन सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
दिसंबर तक पूरी होगी ई-बस संचालन की तैयारी
रायपुर में ई-बस सेवा शुरू करने के लिए संबंधित विभागों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। इसके तहत बसों के संचालन, चार्जिंग व्यवस्था, रूट निर्धारण और अन्य जरूरी सुविधाओं को विकसित किया जाना है। दिसंबर तक इन तैयारियों को पूरा करने का लक्ष्य है। इसके बाद बसों के परिचालन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। हालांकि, बसों की संख्या, निर्धारित रूट और किराये की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध होने पर ही स्पष्ट होगी।
चार शहरों में चलेंगी 240 इलेक्ट्रिक बसें
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत छत्तीसगढ़ के चार नगर निगमों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की स्वीकृति मिली है। 25 अगस्त को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारियों ने योजना की तैयारियों की समीक्षा की थी।
बस डिपो और चार्जिंग स्टेशन तैयार करने पर जोर
ई-बस सेवा शुरू करने के लिए बस डिपो, चार्जिंग स्टेशन, बस स्टॉप और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं। अधिकारियों को शहरों की जरूरत के अनुसार रूट निर्धारित करने और स्कूल, कॉलेज, अस्पताल तथा प्रमुख बाजारों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही बसों के संचालन और निगरानी की व्यवस्था को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मार्च 2027 तक सेवा शुरू करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ई-बस परियोजना के अधोसंरचना कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उपलब्ध सितंबर 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, मार्च 2027 से पहले सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। दिसंबर तक तैयारी पूरी करने की बात भी सामने आई है। हालांकि, रायपुर में संचालन की वास्तविक तारीख, बसों की संख्या, किराया और रूट की अंतिम सूची की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।