छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक सख्ती तेज, कर्मचारियों में मचा हड़कंप

रायपुर। Chhattisgarh में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले शासकीय सेवकों के खिलाफ अब कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। Directorate of Public Instruction Chhattisgarh ने सभी संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में सख्त निर्देश जारी किए हैं। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि लंबे समय तक बिना अनुमति अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों को सेवा से हटाया भी जा सकता है।

निर्देशों में कहा गया है कि सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा पहले ही इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं और अनाधिकृत अनुपस्थिति के मामलों में तत्काल कार्रवाई करना आवश्यक है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे कर्मचारियों को विभागीय जांच के दौरान निलंबित रखना जरूरी नहीं होगा, क्योंकि कई मामलों में कर्मचारी निलंबन भत्ते की मांग करते हैं।

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आदेश के मुताबिक यदि कोई शासकीय सेवक एक माह या उससे अधिक समय तक बिना अनुमति अनुपस्थित रहता है, तो उसकी अनुपस्थिति अवधि को “सेवा-व्यवधान” माना जाएगा। इसके साथ ही उसे किसी प्रकार का अवकाश भी स्वीकृत नहीं किया जाएगा।

विभागीय जांच में आरोप सिद्ध होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारी को सेवा से हटाने या पदच्युत करने जैसी सख्त कार्रवाई की जा सकती है। इतना ही नहीं, यदि किसी अधिकारी की लापरवाही या कर्तव्य विमुखता सामने आती है, तो संबंधित पर्यवेक्षक अधिकारियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

लोक शिक्षा संचालनालय ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की नियमित निगरानी की जाए और बिना अनुमति अनुपस्थित कर्मचारियों की जानकारी तत्काल उच्च स्तर पर भेजी जाए। सरकार का मानना है कि इससे विभागों में अनुशासन और कार्य संस्कृति को मजबूत किया जा सकेगा।

इस आदेश के बाद शिक्षा विभाग सहित अन्य शासकीय विभागों में भी कर्मचारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार प्रशासनिक अनुशासन को लेकर और सख्त कदम उठा सकती है।

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