सुबह की शुरुआत, लेकिन माहौल गर्म
मतदान शुरू होते ही तस्वीर साफ थी—लंबी लाइनें, तेज धूप, और भारी सुरक्षा। सात जिलों की 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। कोलकाता से लेकर दक्षिण 24 परगना तक, हर बूथ पर पुलिस और केंद्रीय बल तैनात दिखे। लेकिन कहानी सिर्फ वोटिंग की नहीं रही। नदिया में आई हिंसा की खबर ने पूरे चुनावी दिन की टोन बदल दी। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, पोलिंग एजेंट पर हमला हुआ, जिससे इलाके में डर और गुस्सा दोनों दिखा। एक बूथ के बाहर खड़े बुजुर्ग मतदाता ने कहा, “हम वोट डालने आए हैं, डरने नहीं। लेकिन माहौल थोड़ा भारी लग रहा है।” सच कहें तो, लाइन में खड़े लोगों के चेहरों पर यही मिला-जुला भाव दिखा—जिम्मेदारी भी, चिंता भी।
सुरक्षा बनाम चुनौती
चुनाव आयोग ने इस चरण को सबसे संवेदनशील माना था। वजह साफ है—घनी आबादी वाले जिले, पुराना राजनीतिक टकराव, और हाई-स्टेक मुकाबला।
- 142 सीटों पर मतदान
- 7 जिलों में कड़ी निगरानी
- केंद्रीय बलों की भारी तैनाती
- संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त सुरक्षा
फिर भी, छिटपुट घटनाएं सवाल खड़े कर रही हैं—क्या सुरक्षा इंतजाम काफी हैं?