Ford Mustang— दुनिया में कुछ गाड़ियां ऐसी होती हैं जो सिर्फ मशीन नहीं, बल्कि एक इमोशन बन जाती हैं। फोर्ड मस्टैंग (Ford Mustang) उन्हीं में से एक है। आज 2026 में भी मस्टैंग की दीवानगी वैसी ही है, जैसी दशकों पहले थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस ‘पोनी कार’ का जन्म कैसे हुआ था? इसकी कहानी शुरू होती है 17 अप्रैल 1964 को, जब इसे न्यूयॉर्क वर्ल्ड्स फेयर (New York World’s Fair) में पहली बार दुनिया के सामने पेश किया गया था।
Ford Mustang: वो कार जिसने 1964 में सड़कों पर मचाया था तहलका, जानें इसकी शुरुआत की कहानी

ली इयाकोका का विजन और ‘फेयरलेन कमेटी’ की कोशिशें
1960 के दशक की शुरुआत में फोर्ड एक ऐसी कार बनाना चाहती थी जो स्टाइलिश हो, चलाने में मजेदार हो और सबसे जरूरी—किफायती हो। उस समय फोर्ड के वाइस प्रेसिडेंट ली इयाकोका (Lee Iacocca) ने युवाओं की नब्ज पहचानी। उन्होंने ‘फेयरलेन कमेटी’ बनाई, जो गुप्त रूप से देर रात तक इस प्रोजेक्ट पर काम करती थी।
मस्टैंग को बनाने के लिए फोर्ड ने एक बड़ा जुआ खेला था। बजट बचाने के लिए इसके कई पार्ट्स फोर्ड फाल्कन (Falcon) से लिए गए थे। इंजीनियरों की मेहनत का नतीजा यह रहा कि महज 18 महीनों में एक प्रोटोटाइप से लेकर फाइनल प्रोडक्शन मॉडल तैयार कर लिया गया, जो उस दौर के हिसाब से एक रिकॉर्ड था।
लॉन्च के बाद मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया: 24 घंटे में 22,000 ऑर्डर
लॉन्च वाले दिन जो हुआ, उसकी कल्पना खुद फोर्ड ने भी नहीं की थी। 17 अप्रैल 1964 को जैसे ही मस्टैंग शोरूम्स में पहुंची, लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। पहले ही दिन फोर्ड को 22,000 कारों के ऑर्डर मिले। लोगों में इस कदर पागलपन था कि शिकागो में एक डीलर को अपनी दुकान बंद करनी पड़ी क्योंकि भीड़ बेकाबू हो गई थी।
- रिकॉर्ड तोड़ बिक्री: फोर्ड ने पहले साल में 1 लाख कारों की बिक्री का लक्ष्य रखा था, लेकिन महज 12 महीनों में 4,18,000 से ज्यादा मस्टैंग बिक चुकी थीं।
- कीमत: उस वक्त इसकी शुरुआती कीमत लगभग $2,368 रखी गई थी, जिसने इसे आम अमेरिकी परिवार की पहुंच में ला दिया।
- डिस्प्ले: मस्टैंग को प्रमोट करने के लिए इसे एम्पायर स्टेट बिल्डिंग की 86वीं मंजिल पर (हिस्सों में काटकर) ले जाकर फिर से जोड़ा गया था।
एक्सपर्ट की राय: क्या खास बनाती है मस्टैंग को?
“मस्टैंग सिर्फ एक कार नहीं थी; यह आजादी का प्रतीक थी। इसने ‘पोनी कार’ सेगमेंट को जन्म दिया और फोर्ड को दिवालिया होने से बचाकर एक नया जीवन दिया।”