Suvendu Adhikari’ के PA की हत्या में बड़ा खुलासा’ 72 घंटे की रेकी और ‘ग्लोक’ पिस्टल का इस्तेमाल, SIT जांच में चौंकाने वाले तथ्य

Suvendu Adhikari’ कोलकाता/नई दिल्ली।’ पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। शुरुआती जांच के अनुसार, इस वारदात को पेशेवर शूटरों ने अंजाम दिया है, जिन्होंने घटना से पहले लगातार 72 घंटों तक रेकी की थी।

पूरी प्लानिंग के साथ 55 सेकंड में वारदात को दिया अंजाम

SIT और CID की जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने बेहद सुनियोजित तरीके से चंद्रनाथ रथ को निशाना बनाया।

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  • घेराबंदी: बुधवार रात करीब 10 बजे जब चंद्रनाथ रथ अपनी एसयूवी (SUV) से घर लौट रहे थे, तब एक सिल्वर रंग की हैचबैक कार ने उनका रास्ता रोका।

  • फायरिंग: दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार हमलावरों ने कार के रुकते ही खिड़की से सटाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। यह पूरी वारदात महज 55 सेकंड के भीतर खत्म हो गई।

  • हथियार: जांच अधिकारियों के अनुसार, हत्या में Glock 47X जैसी सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल का इस्तेमाल किया गया है, जो आमतौर पर पेशेवर अपराधी ही उपयोग करते हैं।

रेकी और साजिश के सबूत

CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों से पता चला है कि हमलावर पिछले 3-4 दिनों से चंद्रनाथ की हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे।

  1. 72 घंटे की रेकी: शूटरों ने मध्यमग्राम और उनके निवास के आसपास के रास्तों की गहन रेकी की थी।

  2. फर्जी नंबर प्लेट: वारदात में इस्तेमाल की गई कार और बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगी थीं। पुलिस ने सिलीगुड़ी के एक व्यक्ति, विलियम जोसेफ से पूछताछ की है जिसकी कार का नंबर प्लेट हत्यारों ने इस्तेमाल किया था।

  3. चेसिस नंबर मिटाया: पहचान छुपाने के लिए अपराधियों ने वाहनों के चेसिस नंबर तक रगड़कर मिटा दिए थे।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और घायलों की स्थिति

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, 38 वर्षीय चंद्रनाथ रथ को तीन गोलियां लगीं—दो छाती में और एक पेट में, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके ड्राइवर बुद्धदेव बेरा भी गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में वेंटिलेटर पर हैं।

सुवेंदु अधिकारी का बयान: “यह एक सोची-समझी हत्या है। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में ममता बनर्जी के खिलाफ मेरी जीत में बड़ी भूमिका निभाई थी, इसलिए उन्हें निशाना बनाया गया। मुझे पुलिस की जांच पर भरोसा है कि वे जल्द ही असली अपराधियों तक पहुंचेंगे।”

SIT का गठन और आगे की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए CID आईजी अनूप जायसवाल के नेतृत्व में एक SIT का गठन किया गया है, जिसमें एसटीएफ (STF) और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस ने वारदात स्थल से खाली कारतूस और लाइव कारतूस बरामद किए हैं। फिलहाल आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।

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